'भगवा आतंकवाद' के खिलाफ भाजपा ने अपनाए कड़े तेवर (राउंडअप)
भाजपा के वरिष्ठ नेता मुरली मनोहर जोशी ने सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि इस शब्द का प्रयोग न किया जाए अन्यथा देश में इसके खिलाफ भारी प्रतिक्रिया होगी। वहीं भाजपा अध्यक्ष नितिन गडकरी ने भोपाल में कहा कि कांग्रेस 'भगवा आतंकवाद' का प्रचार कर वास्तविक आतंकवादियों को बचाने की साजिश रच रही है।
जोशी ने लोकसभा में जम्मू एवं कश्मीर के मुद्दे पर हो रही चर्चा के दौरान गृहमंत्री के बयान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि 'भगवा आतंकवाद' जैसे शब्दों का प्रयोग नहीं किया जाए अन्यथा देश में इसकी भारी प्रतिक्रिया होगी। उन्होंने कहा कि 'भगवा आतंकवाद' जैसी कोई चीज नहीं होती।
जोशी ने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज तैयार करने के लिए बनी कांग्रस की कमेटी ने जिस झंडे की अनुशंसा की थी वह भगवा रंग का ही था। राष्ट्रीय ध्वज में अभी भी भगवा रंग सबसे ऊपर है। जोशी ने कहा कि भगवा रंग आतंकवाद का प्रतीक कभी नहीं हो सकता।
इससे पहले लोकसभा में यह मुद्दा उठाते हुए शिवसेना के सदस्यों ने सदन से बहिर्गमन किया। राज्यसभा में लोक जनशक्ति पार्टी के अध्यक्ष रामविलास पासवान ने यह मुद्दा उठाया। पासवान ने प्रश्नकाल रद्द करके इस मुद्दे पर चर्चा की मांग की जिससे सदन की कार्रवाई कुछ देर के लिए बाधित हुई।
वहीं भोपाल में चल रहे विधायकों के अभ्यास वर्ग में हिस्सा लेने आए गडकरी ने गुरुवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि आतंकवाद को 'भगवा आतंकवाद' कहना देश के बहुसंख्यक वर्ग की भावनाओं का अपमान है। जहां तक अभिनव भारत के लोगों के हिंसक गतिविधियों में शामिल होने की बात है तो इस संगठन के लोगों ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के पूर्व सरसंघचालक तक की हत्या की साजिश रची थी।
उन्होंने कहा कि जहां तक कांग्रेस के 'भगवा आतंकवाद' कहे जाने का सवाल है तो हकीकत यह है कि कांग्रेस वास्तविक आतंकवादियों का बचाने के लिए यह प्रचारित कर रही है।
उल्लेखनीय है कि केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने बुधवार को एक कार्यक्रम में कहा था कि भगवा आतंकवाद का नया आयाम सामने आ रहा है।
गडकरी ने कहा कि कांग्रेस आतंकवादियों के तुष्टिकरण के जरिए वोट बैंक की राजनीति कर रही है। चाहे वह अफजल गुरू का मामला हो या बटला हाऊस का मामला।
उन्होंने सोहराबुद्दीन के मामले की चर्चा करते हुए कहा कि उसके घरे के बाहर से खतरनाक हथियार मिले थे। आध्रप्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और मध्य प्रदेश सरकार ने भी उस पर प्रकरण बनाए थे लेकिन केवल गुजरात पुलिस के खिलाफ सीबीआई जांच क्यों की जा रही है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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