मणिपुर में फिर से नाकेबंदी, खाद्य संकट बढ़ा
इम्फाल में एक व्यापारी यू. सिंह ने गुरुवार को बताया,"हमले के डर से ट्रक मालिकों ने आपूर्ति करने से इंकार कर दिया है। इसकी वजह से मणिपुर में खाद्य, ईंधन और दवाइयों का संकट जल्द ही बढ़ जाएगा।"
मणिपुर के नगा बाहुल्य इलाकों से सेना के हटाए जाने को लेकर केन्द्र सरकार से वार्ता विफल होने के बाद कई जनजातीय नगा संगठनों ने राज्य में आने वाले राजमार्ग को म्यांमार सीमा के समीप बंद कर दिया है।
युनाइटेड नगा काउंसिल (यूएनसी) के नेतृत्व में 25 दिवसीय बंद मंगलवार से शुरू है। इसकी वजह से दवाओं और खाद्य सामग्री का एक बार फिर से संकट शुरू हो गया है और इसी के चलते महंगाई भी बेहताशा बढ़ रही है।
यूएनसी के एक नेता ने बताया, "केन्द्र सरकार पहाड़ी इलाकों से सुरक्षा बलों को हटाने की हमारी मांग से पीछे हट गई और छह मई को दो प्रदर्शकारियों की हत्या मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी नहीं की गई।"
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-39 पहले से बंद है। इसी रास्ते से नागालैण्ड को भी आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति की जाती है। नागालैण्ड जाने के लिए मणिपुर से ही होकर ट्रकों को गुजरना पड़ता है।
जमीन उपजाऊ न होने के कारण आवश्यक वस्तुओं के लिए मणिपुर को देश के अन्य राज्यों पर निर्भर रहना पड़ता है।
राज्य सरकार एक अधिकारी ने बताया, "हम इस समय आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बंद न हो इस पर ध्यान दे रहे हैं। हमने बंद की गंभीरता से केंद्र सरकार को अवगत करा दिया है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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