उत्तर भारत में नहीं थम रहा है बाढ़ का कहर (राउंडअप)
दिल्ली में यमुना दो दिनों से खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा पैदा हो गया है। रिंग रोड का एक हिस्सा बुधवार को बंद कर दिया गया था, जिससे सड़क पर कई किलोमीटर तक लंबा जाम लग गया था। गुरुवार को बारिश थमे रहने से लोगों को थोड़ी राहत हुई है। दिल्ली के निचले इलाकों में पानी भर जाने के कारण लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है।
जम्मू एवं कश्मीर के राजौरी तथा कठुआ जिले के कई गांवों में बाढ़ का पानी फैल गया है। जम्मू क्षेत्र में तवी, चिनाब, संगलाद, चारसू, बासंतर, खानेतर तथा ऊझा नदियों का जलस्तर बढ़ने से निचले इलकों में पानी भर गया है।
उत्तराखण्ड स्थित बनबसा बैराज से काफी मात्रा में पानी छोड़े जाने और नेपाल की नदियों का जलस्तर बढ़ने से उत्तर प्रदेश में शारदा और घाघरा नदी उफान पर हैं। प्रदेश में सैकड़ों गांवों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है। इससे हजारों लोग बेघर हो गए हैं। प्रदेश की शारदा, राप्ती, बूदी, गंडक और रामगंगा नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।
उत्तर प्रदेश के ही बिजनौर जनपद में बाढ़ के विकराल रूप धारण कर लेने से गंगा के किनारे बसे 25 से अधिक गांवों में जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। कई गांवों का सम्पर्क टूट गया है। गांवों में कई-कई फुट तक पानी भर गया है। अनेक ग्रामीणों के मकान गिरने की स्थिति में पहुंच गए हैं।
हिमाचल प्रदेश के विभिन्न इलाकों में मौसम विभाग और अधिक बारिश होने की संभावना जताई है। पहाड़ी राज्य में पिछले कई दिनों से हो रही बारिश के कारण प्रमुख नदियों सतलुज, ब्यास और यमुना का जलस्तर बढ़ गया है।
इन प्रमुख नदियों का पानी पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा में भी प्रवेश कर रहा है। पंजाब के सतलुज और यमुना नदियों में पानी की वृद्धि की वजह से बाढ़ के खतरे को देखते हुए लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। हरियाणा के करनाल और यमुनागर जिलों में यमुना नदी के तटबंधों में आई दरारों को पाटने के लिए प्रशासन सेना की मदद ले रहा है।
फिरोजपुर जिले में 10 गांवों के 500 से अधिक लोगों को राहत शिविर में भेजा गया है। भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बीबीएमबी) में जलस्तर नियंत्रित रखने के लिए 21 अगस्त से सतलुज नदी में पानी छोड़ा जा रहा है। इस वजह से लुधियाना के निचले इलाके और फिरोजपुर, नवानशहर, रोपड़ और आनंद साहिब व कीरतपुर साहिब इलाकों में बाढ़ आ गई है। भाखड़ा बांध में पानी का स्तर 1,680 फुट के अधिकतम स्तर तक पहुंच सकता है।
भाखड़ा बांध में रोजाना एक फुट के हिसाब से पानी बढ़ रहा है। सतलुज नदी में बाढ़ आने की वजह से तरनतारन जिले में भी बाढ़ आ गई है और कम से कम नौ गांव पानी में डूब गए हैं। प्रशासन ने सेना को तैयार रहने को कहा है।
बिहार में कोसी, बागमती तथा गंडक नदियों के उफनने से कई गांवों में पानी भर गया है। ललबकिया तथा महानंदा नदियां अभी भी कई स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। बागमती जहां सोनाखान, डुबाधार, बेनीबाद तथा झंझारपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, वहीं ललबकिया नदी गोयाबारी में खतरे के निशान से ऊपर है। महानंदा नदी भी डेंगराघट और झावा में खतरे के निशान से ऊपर है।
मौसम विभाग के अनुसार अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह, कर्नाटक के दूरदराज वाले इलाकों तथा केरल एवं तमिलनाडु में 24 घंटों के भीतर कही-कहीं मूसलाधार बारिश होने के आसार हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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