विस्फोटकों से भरे ट्रकों के गायब होने का नया मामला उजागर
मालूम हो कि धौलपुर से अप्रैल से जून माह के दौरान सागर के सडेरी में स्थित गणेश विस्फोटक के नाम पर कुल 61 ट्रक विस्फोटक भेजे गये थे मगर ये विस्फोटक रास्ते में ही गायब हो गए और सागर नहीं पहुंच पाए। इस जांच के दौरान एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 103 ट्रक विस्फोटक धौलपुर से अशोकनगर जिले की संगम एक्सप्लोसिव चंदेरी के लिए निकले थे। यह ट्रक भी चंदेरी नहीं पहुंचे हैं।
सागर के पुलिस अधीक्षक वी. के. सूर्यवंशी ने गुरुवार को आईएएनएस को बताया कि सागर विस्फोटक मामले की जांच के दौरान राजेंद्र चौबे नाम के व्यक्ति को पकड़ा गया है। राजेंद्र गणेश विस्फोटक में मुनीम का काम करता था। जांच के दौरान पता चला कि राजेंद्र की चंदेरी में ढाई बीघा जमीन है जिसमें संगम एक्सप्लोसिव की मैग्जीन है और धौलपुर से इसके नाम पर 103 ट्रक विस्फोटक आवंटित किया गया है। संगम एक्सप्लोसिव पर पूरी तरह नियंत्रण जय किशन आसवानी का था जबकि राजेंद्र तो महज छह हजार की नौकरी करता था।
सूर्यवंशी के मुताबिक धौलपुर गए जांच दल को इस बात का पता चला है कि विस्फोटक से भरे ट्रक चंदेरी के लिए निकले थे। इन ट्रकों में लगभग 425 टन विस्फोटक थे। यह विस्फोटक कहां गया इसका पता नहीं चल पाया है। सागर पुलिस ने यह पूरा मामला अशोकनगर पुलिस के हवाले कर दिया है।
अशोकनगर के पुलिस अधीक्षक चंद्रशेखर सोलंकी ने आईएएनएस को बताया है कि विस्फोटक से भरे ट्रक गायब होने का मामला उनके पास आया है, जिसकी वे जांच कर रहे हैं।
सागर के लिए निकले लापता हुए 61 ट्रकों में से अब तक 19 ट्रक बरामद किए जा चुके हैं, जो सभी खाली मिले है। चार राजगढ़ के ब्यावरा और 15 ट्रक धौलपुर से मिले हैं। विस्फोटकों के लापता होने के मामले में अब तक राजेंद्र चौबे और गोपाल को पुलिस गिरफ्तार कर चुकी है जबकि चार शिवचरण हेड़ा, दीपा हेड़ा, देवेंद्र ठाकुर और जयकिशन आसवानी की तलाश जारी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications