झारखण्ड ने 3000 करोड़ रुपये की मदद मांगी
सरकार ने राहत कार्य सुचारू रूप से संचालित करने के लिए पंचायत स्तर पर नियंत्रण कक्ष खोले हैं। इसके साथ ही सभी क्षेत्र के अधिकारियों की छुट्टियां रद्द कर दी गई हैं।
गौरतलब है कि पिछले हफ्ते केन्द्र सरकार की एक टीम सूखा प्रभावित इलाके का जायजा लेने राज्य के दौरे पर आई थी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक टीम ने हालात को खतरनाक बताया और राज्य को बड़ी मदद मुहैया कराए जाने की बात कही थी। शुरुआत में केन्द्र से 1,647 करोड़ रुपये की मदद मांगी गई थी।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने आईएएनएस से बताया,"इससे पहले राज्य के 16 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित किया गया था। अब सभी 24 जिलों को सूखा प्रभावित घोषित कर दिया गया है। इसी कारण केन्द्र सरकार से 3,000 करोड़ रुपये से अधिक की मदद मांगी गई है।"
मुख्य सचिव ए. के. सिंह ने बताया कि उन्होंने सूखा प्रभावित जिलों में राहत कार्यो में जुटे कर्मचारियों और अधिकारियों को छुट्टी न देने के लिए उपायुक्तों को निर्देश दिया है।
उन्होंने कहा कि सूखा प्रभावित जिलों में जब तक हालात सामान्य नहीं हो जाते, तब तक कर्मचारियों और अधिकारियों को छुट्टी नहीं मिलेगी।
सिंह ने कहा,"मैं व्यक्तिगत रूप से जमीनी स्तर पर हालात का जायजा लेने के लिए जाऊंगा और जिला प्रशासन राहत कार्यो की निगरानी करेगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications