सांसदों की परिलब्धियां बढ़ सकती हैं
आधिकारिक सूत्रों ने शनिवार को कहा कि सरकार, नियम 193 के तहत चिकित्सा परिषद विधेयक पर लोकसभा में चर्चा कराए जाने पर भी राजी हो गई है।
सूत्रों ने कहा कि मुखर्जी के साथ बैठक में वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के अध्यक्ष लालू प्रसाद ने उठाया। बैठक में संसदीय मामलों के मंत्री पवन कुमार बंसल और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री पृथ्वीराज चव्हाण तथा वी.नारायणस्वामी भी उपस्थित थे। वामपंथी पार्टियों ने बैठक में हिस्सा नहीं लिया।
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता मुलायम सिंह यादव, जनता दल (युनाइटेड) के नेता शरद यादव और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता अरूण जेटली व गोपीनाथ मुंडे बैठक में उपस्थित थे।
सूत्रों ने कहा कि भाजपा नेताओं ने मुखर्जी से कहा कि एक ऐसी प्रक्रिया तैयार की जाए, ताकि सांसद अपने वेतन का निर्धारण खुद से न करें।
इस बीच लालू प्रसाद ने सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाने के लिए वेतन बढ़ोतरी का सुझाव दिया। सपा और जद (यू) के नेताओं ने भी संसदीय समिति की सिफारिशों के आधार पर वेतन बढ़ोतरी की मांग की।
बैठक के बाद नेताओं ने कहा कि वेतन बढ़ोतरी का मुद्दा मुखर्जी के ऊपर छोड़ दिया गया है। वह इस पर आगे की चर्चा करेंगे। लेकिन आधिकारिक सूत्रों ने संकेत दिया है कि सरकार कैबिनेट द्वारा शुक्रवार को मंजूर की गई बढ़ोतरी में भत्तों में थोड़ी और बढ़ोतरी करने पर विचार कर रही है।
कैबिनेट द्वारा मंजूर किया गया, वेतन बढ़ोतरी विधेयक, लोकसभा में शनिवार को पेश किया जाना था, लेकिन नई कार्य सूची में उसे शामिल नहीं किया गया।
ज्ञात हो कि विधेयक में सांसदों का वेतन 16,000 रुपये से बढ़ा कर 50,000 रुपये कर दिया गया है और अन्य भत्तों को दोगुना कर दिया गया है। लेकिन कई पार्टियों के सांसद इस बढ़ोतरी से असंतुष्ट हैं और उन्होंने कहा है कि यह राशि संसदीय समिति द्वारा सुझाई गई 80,001 रुपये की धनराशि से कम है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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