रांची में चिकित्सकों, नर्सों की हड़ताल से स्वास्थ्य व्यवस्था चरमराई
राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) में जारी हड़ताल से इलाज के अभाव में मरने वाले मरीजों की संख्या 41 हो गई है और 300 से अधिक मरीजों को अन्य अस्पतालों में भेजा गया है।
हड़ताल समाप्ति को लेकर प्रशासन और जूनियर डाक्टरों एवं नर्सो के बीच शुक्रवार रात हुई बातचीत बेनतीजा रही।
रिम्स के निदेशक ए.के.महतो ने पत्रकारों को बताया,"सरकार अब हड़ताली कर्मियों के खिलाफ आवश्यक सेवा अनुरक्षण अधिनियम (एस्मा)लगाने के बारे में सोच रही है। हम लोग एस्मा लगाने की योजना बना रहे हैं।"
गौरतलब है कि झारखण्ड में प्रशिक्षित नर्से अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर 17 अगस्त से हड़ताल पर हैं। रिम्स के जूनियर डाक्टर अपनी दो सूत्री मांगों को लेकर 19 अगस्त से हड़ताल पर हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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