शहरों में उड़ने वाली मधुमक्खियों का शहद अधिक स्वादिष्ट
एक धर्मार्थ संगठन 'नेशनल ट्रस्ट' के एक अध्ययन में कहा गया है कि उप-नगरीय इलाकों में सामान्य रूप से मिलने वाले नीबू के पेड़ों के बागीचों से अपना भोजन इकट्ठा करने वाली मधुमक्खियों का शहद अधिक सुगंधित व स्वादिष्ट होता है जबकि तिलहन के फूलों से भोजन इकट्ठा करने वाली मधुमक्खियों का शहद चट्टान जैसा कठोर होता है।
समाचार पत्र 'डेली मेल' के मुताबिक यह भी माना जाता है कि कृषि भूमि के नजदीक उड़ने वाली मधुमक्खियां कम गुणवत्ता वाले परागकणों और कीटनाशकों के संपर्क में आ सकती हैं।
'नेशनल ट्रस्ट' के सलाहकार मैथ्यू ओट्स कहते हैं कि ये बहुत शुरुआती नतीजे हैं लेकिन बहुत रोचक हैं।
वोरसेस्टर विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 'नेशनल ट्रस्ट' मधुमक्खी के 10 छत्तों से नमूने लेकर उनका अध्ययन किया। ये छत्ते अलग-अलग फूलों के परागण से बने थे।
शोधकर्ताओं ने परागणों और मधुमक्खी के स्वास्थ्य पर उसके असर के बीच संबंध का अध्ययन किया।
उपनगरीय इलाकों में विश्वविद्यालयों व अन्य स्थानों के नजदीक लिली, ब्लैकबेरी और रोवन पेड़ पाए जाते हैं। इन फूलों के इर्द-गिर्द रहने वाली मधुमक्खियों का शहद अधिक सुगंधित व स्वादिष्ट होता है।
जो मधुमक्खियां ग्रामीण इलाकों से मधु इकट्ठा करती हैं उनके कीटनाशकों के प्रभाव में आने के कारण उनके तंत्रिका तंत्र पर इसका खतरनाक प्रभाव हो सकता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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