टेप में किशनजी की आवाज होने पर संदेह
इस टेप के जरिये नक्सली नेता ने वार्ता से पूर्व केंद्र सरकार के समक्ष तीन माह के संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा था।
बोस ने गुरुवार को संवाददाताओं से कहा, "मुझे इस बात की आशंका है कि टेप में किशनजी की आवाज या किसी और की। इससे पहले मैंने किशनजी की आवाज सुनी है। लेकिन इस बार टेप में सुनी आवाज उससे मेल नहीं खाती। हालांकि इस मसले पर विशेषज्ञ ही सही बता सकते हैं।"
टेप में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) ने वार्ता के लिए स्वामी अग्निवेश अथवा रेल मंत्री ममता बनर्जी को संभावित वार्ताकार के रूप में प्रस्ताव दिया है।
उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर नक्सलियों से सरकार से वार्ता का आह्वान किया था। इसके दो दिन बाद नक्सलियों की ओर से यह टेप जारी किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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