पाकिस्तान बाढ़ : 2 करोड़ विस्थापित, 40 लाख बेघर (राउंडअप)
इस बीच प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से फोन पर बात कर और मदद की पेशकश की है। उधर एशियाई विकास बैंक ने दो अरब डॉलर की सहायता देने की घोषणा की है।
भीषण बाढ़ की मार झेल रहे एक राहत शिविर में तीन बच्चों की मौत होने के बाद बीमारी फैलने का खतरा बढ़ गया है। संयुक्त राष्ट्र अधिकारियों का कहना कि लाखों विस्थापित लोग खुले आकाश के नीचे रह रहे हैं और उन्हें न तो पीने का शुद्ध पानी मिल रहा है और न ही उनके पास पर्याप्त भोजन है।
संयुक्त राष्ट्र के प्रवक्ता मॉरिजियो ग्विलियानो का कहना है, "हमारा अनुमान बताता है कि सिंध और पंजाब के 40 लाख लोगों के सिर पर अब भी छत नहीं है।" बाढ़ में पाकिस्तान का दक्षिणी और मध्य हिस्सा बुरी तरह प्रभावित हुआ है।
इस बीच कराची में एक राहत शिविर में रह रहे प्रभावितों में से कम से कम तीन बच्चों की संक्रमित पानी पीने से मृत्यु हो गई है। एक सहायताकर्मी ने गुरुवार को यह जानकारी दी। सहायता एजेंसियों को डर है कि और बच्चे भी जल-जनित बीमारियों और बाढ़-संबंधी अन्य बीमारियों से ग्रस्त हो सकते हैं।
2 अरब डॉलर की मदद देगा एडीबी :
मनीला में एशियाई विकास बैंक (एडीबी) ने पाकिस्तान में बाढ़ पीड़ितों के आपात राहत एवं पुनर्वास कार्य के लिए दो अरब डॉलर के सहायता पैकेज की घोषणा की है। विश्व बैक के साथ संयुक्त रूप से नुकसान और जरूरतों का अनुमान लगाने के लिए 100 विशेषज्ञों की समिति गठित की गई है।
एडीबी के मध्य एवं पश्चिम एशिया विभाग के महानिदेशक जुआन मिरांडा ने इस्लामाबाद के दौरे में इस पैकेज की घोषणा की। उन्होंने कहा, "पीड़ित लोगों की संख्या का पता लगाना आसान नहीं है साथी ही देश में सामाजिक और भौतिक संपदा को हुए नुकसान का पूरा आकलन करना काफी मुश्किल है।" मिरांडा ने कहा कि बैंक पैसा जुटाने के लिए विशेष बाढ़ राहत कोष की स्थापना कर रहा है।
मनमोहन ने गिलानी से फोन पर बात की :
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी से फोन पर बातचीत कर पड़ोसी देश में आई भयावह बाढ़ से हुई तबाही पर दुख जाहिर करते हुए 50 लाख डॉलर की सहायता राशि की पेशकश दोहराई। मनमोहन सिंह ने कहा कि भारत पाकिस्तान के बाढ़पीड़ितों की और भी मदद करने को तैयार है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी वक्तव्य के मुताबिक उन्होंने भारी बाढ़ के कारण हुई मौतों पर गहरा दुख और शोक जताया। प्रधानमंत्री ने गिलानी से कहा कि भारत सरकार पहले भी मदद की पेशकश कर चुकी है और वह राहत कार्यो में और भी सहायता करने को तैयार है।
पाकिस्तान ने आभार जताया :
न्यूयार्क में पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी ने बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए भारत द्वारा 50 लाख डॉलर की मदद का प्रस्ताव दिए जाने के फैसले पर आभार व्यक्त किया है।
अमेरिका दौरे पर आए कुरैशी ने बुधवार को कहा कि भारत ने बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य के लिए 50 लाख डॉलर की मदद देने का प्रस्ताव दिया है। उन्होंने इस प्रस्ताव के लिए भारत के प्रमुख कूटनीतिज्ञों को धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि भारतीय विदेश मंत्री एस. एम. कृष्णा ने न्यूयार्क में उन्हें फोन किया।
पाकिस्तान को मदद के इस प्रस्ताव की घोषणा 13 अगस्त को ही कर दी गई थी लेकिन इस प्रस्ताव को लेकर पाकिस्तान अब तक अनिश्चय की स्थिति में रहा।
पाकिस्तान में प्रदर्शनकारियों से बचे ब्रिटिश मंत्री :
बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान की यात्रा पर पहुंचे दो ब्रिटिश मंत्रियों को उस वक्त लौटना पड़ा जब आपदाग्रस्त इलाके में पहुंचा उनका काफिला विरोध-प्रदर्शन की चपेट में आ सकता था।
ब्रिटेन के अंतर्राष्ट्रीय विकास सचिव एंड्रयू मिशेल और कंजरवेटिव पार्टी के अध्यक्ष व बिना विभाग के मंत्री बारोनेस सईद वारसी ने जब तालिबान के प्रभाव वाले एक क्षेत्र में अपने काफिले के साथ प्रवेश किया तो पाकिस्तानी सेना के एक हेलीकॉप्टर को उन्हें वहां से सुरक्षित बाहर निकालकर इस्लामाबाद लाना पड़ा।
खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत के नौशेरा में सड़कें जाम कर रहे प्रदर्शनकारियों से उनका सामना होने के बाद उनके काफिले को नजदीक के हवाई ठिकाने पर पहुंचाया गया।
पाकिस्तान में एक सुरक्षा सलाहकार ने बताया, "यह निश्चित रूप से ऐसी जगह नहीं थी जहां रुका जाता। हर कोई जानता है कि वहां पश्चिमी लोगों को जल्द निशाना बनाया जा सकता है।"
पाकिस्तान में अधिकारियों ने बताया कि बिजली की बढ़ती कीमतों और उसकी कटौती के खिलाफ यह विरोध प्रदर्शन किया गया था। वैसे वहां डर है कि आतंकवादी बाढ़ के बहाने पश्चिम-विरोधी भावनाएं भड़काना और वर्तमान सरकार को कमजोर करना चाहते हैं।
मिशेल ने बाद में इस प्रकरण को यहीं समाप्त करने की कोशिश करते हुए ब्रिटिश सहायता प्रयासों को जारी रखने की बात कही। उन्होंने कहा, "हम एक हेलीकॉप्टर से इस्लामाबाद लौट आए हैं और अब हम अपना काम जारी रख रहे हैं।"
तम्बू और कंबलों सहित 1.45 करोड़ पाउंड की अतिरिक्त सहायता राशि की घोषणा करते हुए मिशेल ने कहा, "मैंने अपने जीवन में इतनी असाधारण आपदा, असाधारण नुकसान और दुख नहीं देखा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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