केंद्र के अधीन होगा भोपाल मेमोरियल अस्पताल
अस्पताल पर भोपाल गैस त्रासदी के मरीजों पर बहुराष्ट्रीय कंपनी की प्रतिबंधित दवाइयों का परीक्षण करने का आरोप है। आरोप के चलते संबंधित नियामक अस्पताल पर नजर रखा रहा है।
रसायन और उर्वरक राज्यमंत्री श्रीकांत कुमार जेना ने गुरुवार को कहा कि बायो-टेक्नोलॉजी विभाग और परमाणु ऊर्जा विभाग के माध्यम से सरकार भोपाल मेमोरियल अस्पताल और शोध केंद्र (बीएमएचआरसी) को अपने अधीन लेगी।
लोकसभा में एक सवाल के लिखित जवाब में जेना ने कहा कि बीएमएचआरसी को एक अति आधुनिक शोध अस्पताल के रूप में संचालित किया जाएगा।
मध्य प्रदेश सरकार ने हाल ही में कथित प्रतिबंधित दवाइयों के इस्तेमाल के कारण तीन लोगों की मौत के मामले की जांच का आदेश दिया है।
एक अमेरिकी दवा कंपनी थेरावैंस इंक द्वारा प्रायोजित यह परीक्षण भोपाल गैस पीड़ितों पर किया गया था। इसे वर्ष 2004 से 2008 के बीच अंजाम दिया गया।
मंत्री ने हालांकि कहा कि रसायन और पेट्रोकेमिकल विभाग को बीएमएचआरसी में किसी अनियमितता के बारे में रिपोर्ट प्राप्त नहीं हुई है।
सर्वोच्च न्यायालय के निर्देश पर स्थापित इस अस्पताल का संचालन भोपाल मेमोरियल अस्पताल ट्रस्ट करता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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