IIM-L में 'राष्ट्र की ब्रांडिंग' पर हुआ मंथन
लखनऊ। बड़ी-बड़ी कंपनियां अपने उत्पादों की ब्रांडिंग में हमेशा आगे रहती हैं। जिसके लिए सभी प्रबंध संस्थानों में उत्पादों की ब्रांडिंग एक विषय के रूप में पढ़ाई जाती है, लेकिन क्या कहीं अपने देश की ब्रांडिंग यानी 'नेशन ब्रांडिंग' पढ़ाई गई है? इसका जवाब है हां। भारतीय प्रबंध संस्थान (आईआईएम) लखनऊ में। वो भी स्वतंत्रता दिवस के पावन अवसर पर।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर जहां पूरा देश ने जश्न मनाया वहीं आईआईएम लखनऊ के छात्रों ने इस पर्व को कुछ हट कर मनाया। यहां के छात्रों ने मंगलवार को सीखा कि कैसे अपने राष्ट्र की ब्रांडिंग की जा सकती है। इस मौके पर आईआईटी खड़गपुर व आईआईएम कलकत्ता के पूर्वछात्र व विज्ञापन कंपनी पीपलमैजिक के सीईओ चंद्रदीप मित्रा ने छात्रों को नेशन ब्रांडिंग के गुर सिखाए।
इस मौके पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें विज्ञापन गुरु मित्रा ने विज्ञापन जगत के उतार-चढ़ाव व उसकी विशेषताओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि नेशन ब्रांडिंग हमारे देश की अर्थ व्यवस्था से जुडा है और देश के युवा उसके अभिन्न अंग हैं।
मित्रा ने कहा कि आज के युवा देश के ब्रांड को ऊंचाईयों तक पहुंचाने में सक्षम हैं और पहुंचा भी रहे हैं। देश के युवा जो काम करते हैं, जिस क्षेत्र में आगे बढ़ते हैं, वही उसका ब्रांड बन जाता है। जैसे सोमालिया के 500 समुद्री डाकू उनके देश के ब्रांड को खराब कर रहे हैं। लेकिन भारत में कोई युवा नहीं चाहेगा कि उसका ब्रांड खराब हो। लिहाजा हर युवा को अपने आपको देश से जोड़कर देखना चाहिए।












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