मप्र में जूाडा दो फाड़, सिर्फ भोपाल में हड़ताल वापस (राउंडअप)
हादसे में मारे गए दो साथियों के परिजनों को 25 -25 लाख रुपये का मुआवजा सहित 20 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदेश के पांचों में मेडीकल कालेज के जूडा व छात्र हड़ताल पर हैं। इस हड़ताल को खत्म कराने के लिए स्वास्थ्य राज्यमंत्री महेंद्र हार्डिया ने भोपाल की जूडा इकाई से वार्ता की और मांगें पूरी कराने की पहल का आश्वासन देकर हड़ताल वापस लेने के लिए राजी कर लिया।
सरकार की ओर से यह कहा गया कि प्रदेश के सभी जूडा काम पर लौटने के लिए राजी हो गए हैं। वहीं जूडा के प्रदेशाध्यक्ष विक्रांत भूरिया का कहना है कि सरकार ने साजिश रच कर जूडा को कमजोर करने की कोशिश की है।
भूरिया ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा कि वे अपनी मांगों के पूरा होने से पहले काम पर नहीं लौटेंगे। स्वास्थ्य राज्यमंत्री ने एक कमरे में बैठकर भोपाल के कुछ पदाधिकारियों से समझौता किया है। इससे जूडा का कोई लेना देना नहीं है।
आधिकारिक तौर पर दी गई जानकारी के मुताबिक भोपाल में हुई समझौता वार्ता के वक्त संचालक चिकित्सा शिक्षा वी. के. सैनी, भोपाल मेडीकल कालेज के डीन योगेंद्र वर्मा और जूडा की भेापाल इकाई के अध्यक्ष डा. योगेश तौर, साजिद व अवधेश दिवाकर मौजूद थे।
मालूम हो कि भोपाल में शनिवार को पुलिस वैन से कुचलकर मारे गए दो चिकित्सा छात्रों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा देने सहित अन्य मांगों को लेकर प्रदेश के पांच चिकित्सा महाविद्यालय के जूनियर डॉक्टर व चिकित्सा छात्र बेमियादी हड़ताल पर हैं। इसके चलते चिकित्सा महाविद्यालयों से संबद्घ चिकित्सालयों में स्वास्थ्य सेवाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
चिकित्सा शिक्षा विभाग ने मंगलवार को जूडा से स्वास्थ्य सेवाओं की दुहाई देकर काम पर लौटने की अपील की, यह अपील बेअसर रहने और हड़ताल से उत्पन्न हुई स्थितियों की समीक्षा के बाद हड़ताल को अवैध करार देते अत्यावश्यक सेवा प्रतिरक्षण अधिनियम (एस्मा) लागू कर दिया।
एस्मा लागू किए जाने के बाद भी जब जूडा काम पर नहीं लौटे तो सरकार की ओर से बातचीत की पहल की गई। स्वास्थ्य राज्य मंत्री महेंद्र हार्डिया ने जूडा की भोपाल इकाई से दो चरणों मे वार्ता की और उन्हे भरोसा दिलाया कि सरकार उनकी मांगों पर सहानुभूति पूर्वक विचार करेगी। साथ ही उनके हितों का संरक्षण भी किया जाएगा।
भूरिया ने बताया कि अपने साथियों से धोखा करने वाले डा. योगेंद्र तौर को पद से हटा दिया गया है। वहीं इंदौर, जबलपुर, रीवा और ग्वालियर के जूडा अब भी हड़ताल पर हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भोपाल में जो वार्ता हुई उसमें सेंट्रल जूडा का कोई पदाधिकारी नहीं था। उन्होंने घोषणा की है कि मांग पूरी होने तक हड़ताल जारी रहेगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications