उप्र में नदियां उफान पर, भाखड़ा में स्थिति नियंत्रण में (राउंडअप)
लखीमपुर खीरी की पलिया तहसील में शारदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से छह सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। जिले के अपर जिलाधिकारी (वित्त) तुलसीराम ने बताया कि पिछले दो दिनों में बारिश होने से जलस्तर में वृद्धि हुई है। हालात पूरी तरह में काबू में है। उधर, बहराइच में घाघरा नदी का जलस्तर लगातार घट रहा है।
उत्तराखण्ड और राज्य के कुछ स्थानों में बारिश होने से गंगा, यमुना और रामगंगा नदियों के जलस्तर में वृद्धि हुई है, लेकिन फिलहाल कहीं पर भी जलस्तर खतरे के निशान के ऊपर नहीं पहुंचा है।
इधर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी, बस्ती, सीतापुर, मिर्जापुर, अलीगढ़, मेरठ, शाहजहांपुर, बिजनौर, फतेहपुर सहित कई जिलों में मंगलवार को सामान्य और तेज बारिश दर्ज की गई। लखीमपुर खीरी में सबसे ज्यादा 90 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
उत्तराखण्ड की राजधानी देहरादून में बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। मौमस विभाग के अनुसार अगले एक दो दिनों तक राज्य के अनेक भागों में बादल छाये रहेंगे तथा गरज और चमक के साथ और बारिश हो सकती है।
देहरादून क्षेत्र में अब तक सबसे अधिक 268.8 मिलीमीटर बारिश हुई है जबकि पंतनगर क्षेत्र में 104.6 मिलीमीटर, मुक्ते श्वर में 84.5 मिलीमीटर तथा टिहरी में 81.9 मिलीमीटर बारिश हुई है।
दिल्ली में बुधवार शाम और गुरुवार सुबह की अच्छी बारिश हुई जिसकारण जगह-जगह पानी भरने से यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बुधवार शाम से गुरुवार सुबह तक 20.6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
हिमाचल प्रदेश में स्थित भाखड़ा बांध के अधिकारियों का कहना है कि बांध में जलस्तर बढ़ने के बावजूद पानी नहीं छोड़ा जाएगा। इससे पंजाब के निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा फिलहाल टल गया है।
भाखड़ा व्यास प्रबंध बोर्ड (बीबीएमबी) के अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है और चिंता की कोई बात नहीं है। बांध का जलस्तर अभी भी अधिकतम सीमा से नीचे है।
गुरुवार को भाखड़ा बांध का जलस्तर 1,650.60 फीट तक बना हुआ था जबकि पिछले साल इसी तिथि को जलस्तर 1,591.74 फीट दर्ज किया गया था। बोर्ड के मानकों के मुताबिक भाखड़ा बांध में जलस्तर की अधिकतम सीमा 1,680 फीट है।
बीबीएमबी के प्रमुख ए.बी.अग्रवाल ने गुरुवार को संवाददाताओं को बताया, "पिछले साल की तुलना में इस साल बांध में पानी की आवक बेहतर है। वर्तमान में लगभग 70,000 क्यूसिक पानी भाखड़ा में पहुंच रहा है और चार टर्बाइन मशीनें 24 घंटे चलाई जा रही हैं।"
अग्रवाल ने कहा कि यदि यही स्थिति अगले 15 दिनों तक जारी रहेगी तब जाकर पानी छोड़नें की आवश्यकता पड़ेगी। पानी का जलस्तर 1,670 फीट तक पहुंचने के बाद पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ रहा है जिससे हमारे पास राज्य सरकार को बाढ़ के खतरे के प्रति अलर्ट करने का पर्याप्त समय है, जिससे बाढ़ को रोकने के प्रबंध किए जा सकते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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