चण्डीगढ़ में किसान अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे (लीड-1)
भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू)-राजेवाल समूह के अध्यक्ष बलबीर सिंह राजेवाल के नेतृत्व में शांतिपूर्ण रैली पंजाब के मोहाली से निकली थी, लेकिन चण्डीगढ़ में घुसने से पहले ही उसे रोक लिया गया।
रैली में हिस्सा लेने के लिए पंजाब के विभिन्न हिस्सों से 800 से अधिक किसान ट्रैक्टर-ट्राली, ट्रक, बस और अपनी कार से यहां पहुंचे हैं और कई किसान तो पहले से ही सड़कों के किनारे तम्बू लगाकर यहां ठहरे हुए हैं।
फसल उत्पादन पर बोनस बढ़ाने, किसानों के लिए केंद्र से 800 करोड़ रुपये के राहत पैकेज और बकाया बिजली बिल के भुगतान को माफ करने के मकसद से पंजाब सरकार पर दबाव डालने के लिए भारतीय किसान यूनियन ने रैली का आयोजन किया था।
भारतीय किसान यूनियन चण्डीगढ़ के सेक्टर 17 में रैली का आयोजन करना चाहता था, लेकिन प्रशासन ने धारा 144 लागू कर दी। इसकी वजह से शहर में कहीं भी एक स्थान पर पांच से ज्यादा लोग एकत्रित नहीं हो सकते।
शहर में घुसने से मना करने पर राजेवाल ने किसानों से शांति बरतने और प्रशासन के द्वारा तय जगह पर चलकर प्रदर्शन करने के लिए कहा।
राजेवाल ने कहा, "हम किसी भी प्रकार की हिंसा की मदद नहीं लेंगे और पूरे धर्य के साथ चण्डीगढ़ में घुसने के लिए इजाजत मिलने का इंतजार करेंगे। हम यहां से जाएंगे नहीं और यहां अनिश्चित समय तक ठहरेंगे।"
उन्होंने बताया, "पंजाब सरकार और अधिकारियों के साथ हमारे सभी वार्ता विफल रहे हैं। पिछले कई सालों से व्यवस्था में भ्रष्टाचार के चलते किसानों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।"
चण्डीगढ़ में न घुसने देने पर राजेवाल ने शहर में आपूर्ति की जाने वाली सब्जी पर रोक लगाने की धमकी भी दी।
चण्डीगढ़ में मंगलवार को होने वाले किसानों की रैली को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किएं। रैली को रोकने के लिए पुलिस ने शहर में प्रवेश के सभी 20 मार्गो को बंद कर दिया था।
चण्डीगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.एस.श्रीवास्तव ने बताया,"हमने सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए हैं। शहर में बाहर से प्रवेश के सभी 20 मार्गो पर वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों की देखरेख में चौकी स्थापित की है।
उन्होंने बताया, "स्थिति पर काबू पाने के लिए लगभग 1,600 पुलिसकर्मियों और होमगार्ड के जवानों को लगाया गया है। इसके अलावा भारतीय-तिब्बत सीमा पुलिस(आईटीबीपी) और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल(सीआरपीएफ) के जवान भी तैनात किए गए हैं।"
गौरतलब है कि भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू)-राजेवाल समूह ने सोमवार को पंजाब सरकार से अपनी वार्ता विफल होने के बाद पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार हजारों किसानों के साथ मंगलवार को चण्डीगढ़ में अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने का फैसला किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications