पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारी में जुटा शोभराज
काठमांडू, 10 अगस्त (आईएएनएस)। एक अमेरिकी पर्यटक की हत्या के मामले में नेपाल के सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दोषी ठहराए गए चार्ल्स शोभराज अपने खिलाफ अदालत के फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की तैयारियों में जुट गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने उसकी उम्रकैद की सजा बरकरार रखी है।
66 वर्षीय शोभराज की वकील शकुंतला थापा ने आईएएनएस को बताया कि वह मंगलवार को काठमांडू के केंद्रीय कारावास में बंद शोभराज से मिलने वाली हैं। वह शोभराज से फैसले के पुनर्विचार संबंधी आवेदन के बारे में बातचीत करेंगी। शोभराज को 21 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई गई है।
पिछले महीने सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों-राम कुमार प्रसाद शाह और गौरी ढाकल ने शोभराज को 1975 में एक फर्जी पासपोर्ट के आधार पर नेपाल में प्रवेश करने तथा एक अमेरिकी पर्यटक कोन्नी जो ब्रांजिक की हत्या करने का दोषी करार दिया था।
अब शोभराज सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायधीशों के इस फैसले पर पुनर्विचार की मांग करने जा रहा है। इसके लिए वह तीन सदस्यीय खंडपीठ से सुनवाई चाहता है।
सर्वोच्च न्यायालय के दो न्यायाधीशों ने उसकी एक सहयोगी मैरी आंद्रेई लेकरेक तथा उसके 'कबूलनामे' के आधार पर दोषी ठहराया है। शोभराज और उसकी सहयोगी ने 1976 में नई दिल्ली में गिरफ्तारी के बाद कथित तौर पर अपने अपराध कबूल किए थे।
शोभराज ने हालांकि बाद में इस तरह के किसी भी बयान से इंकार किया था। यही कारण है कि वह सर्वोच्च न्यायालय के फैसले पर पुनर्विचार की मांग करने जा रहा है।
एक तरफ जहां नेपाल में शोभराज की वकील इस मामले में नए सिरे से लड़ाई की तैयारी कर रही हैं वहीं दूसरी ओर उसकी फ्रांसीसी वकील इसाबेल काउटेंट पीयरे इस मामले में संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार समिति की मदद लेने की प्रक्रिया में जुटी हैं। पीयरे शोभराज को आजाद कराकर उनके गैरकानूनी कारावास के बदले हर्जाना चाहती हैं।
पीयरे ने कहा है कि वह इस मामले को यूरोपीय संसद में उठाने की तैयारी कर रही हैं। उनका मानना है कि मानवाधिकार समिति भी मानती है कि शोभराज के मानवीय अधिकारों का उल्लंघन हुआ है।
इस मामले में समिति नेपाल सरकार से उसके अवैध हिरासत और फिर बिना किसी सबूत के उसके खिलाफ चलाए गई कानूनी कार्रवाई को लेकर सफाई चाहती है। इस संबंध में समिति ने नेपाल को 180 दिनों में जवाब देने को कहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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