आंशिक रूप से खुला मनाली-लेह राजमार्ग
सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) के विंग जनरल रिजर्व इंजीनियरिंग फोर्स के अधिकारी एस.के.दून ने बताया, "475 किलोमीटर लंबे मनाली-लेह राजमार्ग पर अभी दोबारा पूरी तरह से यातायात शुरू नहीं किया जा सकता है क्योंकि अभी मलबा हटाने का काम चल रहा है।"
दून ने कहा कि मनाली से सारचू के बीच 222 किलोमीटर तक राजमार्ग को यातायात के लायक बना दिया गया है। उन्होंने कहा, "लेह और सारचू के बीच यातायात दोबारा बहाल कर दिया गया है।"
जम्मू एवं कश्मीर के मुख्यमंत्री फारुक अब्दुल्ला ने सोमवार को बीआरओ के अधिकारियों को निर्देश दिया था कि मनाली लेह राजमार्ग को तीन दिनों के भीतर खोल दिया जाए।
एनएच-21 उन दो राजमार्गो में शामिल है जिससे लेह का संपर्क देश के अन्य हिस्सों से बना रहता है और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों तक राहत सामग्री पहुंचाने के लिए यह नजदीक भी है।
गौरतलब है कि शुक्रवार को लेह में बादल फटने के बाद आई बाढ़ में कई सरकारी कार्यालय, सुरक्षाबलों के शिविर और रिहायशी मकान बह गए थे।
लेह में गत शुक्रवार को बादल फटने के बाद बाढ़ से मची तबाही में मरने वालों की संख्या बढ़कर 165 हो गई है। इस भारी तबाही के बीच वायु सेना के जवान सोमवार तक 81 विदेशी सैलानियों को लद्दाख क्षेत्र के जांस्कर घाटी से सुरक्षित निकालने में कामयाब रहे हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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