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कई राज्यों में बाढ़ से तबाही, हजारों बेघर (राउंडअप)

जम्मू एवं कश्मीर में बादल फटने से आई बाढ़ में लेह कस्बे की तबाही के बाद अब उत्तरी कश्मीर के कुपवाड़ा जिले के करालपुरा इलाके में भी बादल फटने की खबर है। शुक्रवार रात को यहां बादल फटने से भारी तबाही हुई है। यहां मकान, दुकानें, करालपुरा अस्पताल और पुलिस चौकी बाढ़ में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं।

उड़ीसा के तीन जिलों में मूसलाधार बारिश के बाद आई बाढ़ में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10,000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।

राज्य के राहत नियंत्रण कक्ष के एक अधिकारी ने आईएएनएस को बताया कि बुधवार से ही राज्य के कई भागों में भारी बारिश हो रही है। तीन जिले- कालाहांडी, गजपति और नबरंगपुर बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। नदियों में उफान आ गया है और बाढ़ का पानी निचले इलाकों में भर गया है।

अधिकारी ने बताया कि कालाहांडी में हाटी, नबरंगपुर में भास्कर और गजपति जिले में बंसाधारा नदी उफन गई है और नदी तट वाले गांवों में पानी घुस गया है।

वहीं हिमाचल प्रदेश के कई हिस्सों में लगातार बारिश के कारण नदियां उफान पर हैं। इसके चलते कुल्लू, मंडी, किन्नौर, बिलासपुर और शिमला जिलों में प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक यहां आने वाले दिनों में और बारिश होने के आसार हैं।

शिमला के उपायुक्त जे. एस. राणा ने कहा, "सतर्कता संबंधी चेतावनी जारी करते हुए नदियों के किनारे बसे गांवों और कस्बों में रहने वाले लोगों से सुरक्षित जगहों पर जाने को कहा गया है।"

शिमला, किन्नौर, मंडी और कुल्लू जिलों में मसूलाधार बारिश की वजह से कई जगह भूस्खलन हुआ है। इसी के चलते राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 21 और 22 पर यातायात प्रभावित हुआ है।

इसके अलावा उत्तर प्रदेश में बारिश और नेपाल से आने वालीं सुहेली और मुहाना नदियों व बनबसा बैराज से पानी छोड़े जाने के कारण राज्य के कुछ जिलों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है।

राज्य में गंगा, यमुना, शारदा, घाघरा, रामगंगा और अन्य नदियां उफान पर हैं। एक-दो स्थानों पर नदियों का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है। लखीमपुर खीरी, बहराइच, बदांयू, पीलीभीत, बाराबंकी, और सीतापुर जिलों के निचले इलाकों में बाढ़ का पानी प्रवेश कर गया है।

उधर, बहराइच और बाराबंकी में घाघरा नदियों का जलस्तर खतरे के निशान के करीब पहुंच गया है। बाराबंकी के जिलाधिकारी विकास गोसवाल ने बताया कि रामनगर तहसील के तीन-चार गांवों में घाघरा का पानी प्रवेश कर गया है। प्रभावित गांवों में जिला प्रशासन की तरफ से ग्रामीणों की मदद की जा रही है।

बदायूं में गंगा और रामगंगा नदियों का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। जिले के अपर जिलाधिकारी (वित्त) मनोज कुमार ने कहा कि फिलहाल दोनों नदियां खतरे के निशान से नीचे हैं। आने वाले दिनों में अगर बाढ़ जैसे हालात पैदा हुए तो जिला प्रशासन उसके लिए पूरी तरह से तैयार है।

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश के कारण दक्षिणी हिस्से में स्थित चार जिलों का संपर्क राजधानी रायपुर से टूट गया है। जगदलपुर में अधिकारियों ने कहा, "इंद्रावती नदी के उफान पर होने से कई घर पानी में डूब गए हैं और दर्जनों परिवार बेघर हो गए हैं।"

महाराष्ट्र के विदर्भ और नागपुर इलाकों में भी पिछले तीन दिनों में हुई भारी बारिश के चलते सड़क एवं वायु संपर्क प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने निचले इलाकों में रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी जारी की है। यहां इराई बांध से पानी छोड़े जाने के कारण वेनगंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। नागपुर हवाई अड्डे पर कम दृश्यता के कारण यातायात शुक्रवार से बंद कर दिया गया है। तुलजापुर-नागपुर राजमार्ग पर यातायात बंद कर दिया गया है।

पूर्वोत्तर के कई इलाकों में भी भारी बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। दार्जिलिंग में एनएच 55 पर यातायात प्रभावित हुआ है। यहां के गयाबारी इलाके के कई गांवों के लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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