राष्ट्रमंडल खेल : झारखंड में मशाल का विरोध
मशाल गुरुवार को झारखंड के धनबाद जिले में पहुंची थी और शुक्रवार दोपहर को यह रांची पहुंची। यहां केंद्रीय खाद्य प्रसंस्करण मंत्री और सांसद सुबोध कांत सहाय और पूर्व हॉकी खिलाड़ी सिवानस डुंगडंग ने मशाल की अगवानी की। डुंगडंग 1982 में राष्ट्रमंडल खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली टीम के सदस्य थे।
रांची में बूटी चौराहे पर करीब 50 भाजपा कार्यकर्ताओं ने इस मशाल को गुलामी का प्रतीक बताते हुए इसका विरोध किया।
भाजपा कार्यकर्ता अरविंद सिंह ने कहा, "यह मशाल गुलामी का प्रतीक है इसलिए हम इस मशाल रैली का विरोध कर रहे हैं।"
राज्य के राज्यपाल एम. ओ. एच. फारुख ने भी इस मशाल का स्वागत किया।
मशाल राष्ट्रमंडल के करीब 70 देशों में 1,70,000 किलोमीटर की यात्रा कर चुकी है। यह मशाल 100 दिनों में देश के विभिन्न राज्यों से होते हुए पूरे देश की यात्रा करेगी।
मशाल 25 जून को पाकिस्तान के रास्ते भारत पहुंची थी। भारत में इसे राज्योंे और केंद्र शासित प्रदेशोंे की 20,000 किलोमीटर की यात्रा करते हुए 30 सितंबर को नई दिल्ली पहुंचना है। राष्ट्रमंडल खेलों की शुरूआत तीन अक्टूबर को होनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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