कावड़ियों की मदद में जुटे हैं युवा
कावड़ियों की सेवा करने व श्रद्धाभाव के मूल्य सीखने के लिए नेहरू युवा केन्द्र सहित अनेक स्वयंसेवी संगठनों के कार्यकर्ताओं ने सड़क पर उनकी सुविधाओं को देखते हुए कई इंतजाम किए हैं। इस काम में लड़कियां कहीं लड़कों से भी आगे हैं।
हरिद्वार से गंगा जल लेकर दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान के ढेरों शिव भक्त झुमते हुए दिन-रात आगे बढ़ रहे हैं। शिव भक्तों ने बड़ी श्रद्धा के साथ रंग-बिरंगें कांवड़ों को हजारों रुपये खर्च कर सजाया हुआ है। इस यात्रा का प्रमुख आर्कषण केंद्र बन चुके मुजफ्फरनगर जनपद की सीमाओं में कावड़ियों की सेवा के लिए कई धार्मिक व सामाजिक संगठनों ने सेवा शिविर लगाए हुए हैं। इस बार सरकारी प्रयासों के साथ ही गैर सरकारी संगठन (एनजीओ) भी कांवड़ियों की देखरेख के काम में जुटे हुए हैं।
केंद्र सरकार के युवा एवं खेलकूद मंत्रालय के अधीन संगठन नेहरू युवा केंद्र के युवा पुरुष व महिला कार्यकर्ता कावड़ मेले में इस बार नई भूमिका में दिखाई दे रहे हैं। यह संगठन ग्रामीण व शहरी युवाओं के विकास के लिए कार्य करता है।
छवार के मेढ़पुर शिविर में थाना भवन समूह की लड़कियां सेवा कार्य में लगी हुई हैं। इसी तरह विभिन्न हिस्सों जैसे कि बधरा, चरथावल, जानसढ, सदर कांधला के युवा कार्यकर्ता कावड़ियों का मार्गदर्शन, भोजन वितरण, चिकित्सा सहायता करते हुए देखे जा सकते हैं।
इस बार कावड़ यात्रा में 80 फीसदी से अधिक युवा ही कावड़ लगाते हुए दिखाई पड़ रहे हैं। ऐसे में नेहरू युवा मंडल के युवाओं द्वारा कावंड़ियों की सेवा करने की भावना उनमें श्रद्धाभाव के मूल्य पैदा कर रही है।
नेहरू युवा केंद्र के समन्वयक राजेश जादौन ने आईएएनएस को बताया कि इन कार्यो से युवाओं में श्रद्धा, समर्पण, सामुदायिक सेवा व देश की एकता और अखण्डता के लिए कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। कई कॉलेजों के रोवर्स रेजर्स, स्काउट गाइड और एनएसएस से जुड़े छात्र-छात्राएं भी इस समय कांवड़ियों की सेवा में जुटे हुए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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