'सबसे तेजी से बढ़ रहा है भारतीय उड्डयन बाजार'
बोइंग इंडिया के अध्यक्ष दिनेश केसकर ने मंगलवार को भारतीय बाजार की बढ़ती संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए यह बात कही।
बोइंग का मानना है कि वर्ष 2030 तक भारतीय उड्डयन कंपनियों को कुल 1150 विमानों की जरूरत होगी। इससे बोइंग व अन्य विमान निर्माता कंपनियों को 13 अरब डॉलर का बाजार मिल सकेगा।
बोइंग ने यह भविष्यवाणी भारत के आर्थिक विकास, विमानों की सवारी ढोने की मौजूदा क्षमता और आने वाले समय में उनकी इस क्षमता के विस्तार को ध्यान में रखकर की है।
केसकर ने कहा, "हम मानते हैं कि सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में जारी मौजूदा विकास स्तर बना रहा तो भारत में इस वर्ष पांच करोड़ लोग विमानों का सफर करेंगे। टर्मिनल-3 जैसी सुविधाओं के बढ़ने के साथ इस संख्या में तेजी से इजाफा होगा।"
भारतीय उड्डयन कंपनियों ने पिछले वर्ष 4.4 करोड़ यात्रियों को सेवाएं प्रदान कीं। केसकर का मानना है कि आने वाले दिनों में इस संख्या में इजाफा जारी रहेगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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