'अफगानिस्तान समस्या सुलझाने में भारत की भूमिका बढ़े'
वाशिंगटन, 2 अगस्त (आईएएनएस)। अमेरिका के एक प्रभावशाली सीनेटर ने ओबामा प्रशासन को सलाह दी है कि अफगानिस्तान समस्या के एक राजनीतिक हल के लिए भारत और पाकिस्तान की भूमिका बढ़ायी जानी चाहिए क्योंकि अमेरिकी अधिकारियों ने क्षेत्र में भारत के हितों को स्वीकार किया है।
विदेशी मामलों से संबद्ध सीनेट की समिति के अध्यक्ष जॉन कैरी से रविवार को जब समाचार चैनल सीएनएन पर पूछा गया कि क्या अफगानिस्तान में नए अमेरिकी कमांडर जनरल डेविड पेट्रियस ने और अधिक सैनिकों का आग्रह किया है तो उन्होंने कहा, "निजी तौर पर मैं इंकार कर दूंगा। मेरे विचार से सैनिक कोई हल नहीं हैं।"
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा की अफगानिस्तान-पाकिस्तान रणनीति को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कैरी ने कहा, "इसका जवाब एक राजनीतिक हल है और भारत तथा पाकिस्तान की भूमिका बढ़ाकर यह राजनीतिक हल सामने आएगा।"
कैरी ने कहा, "लेकिन मेरा मानना है कि हमें चीन, रूस को भी शामिल करना चाहिए। यदि संभव हो तो ईरान भी जमीनी समीकरणों के बदलाव में भूमिका निभा सकता है।"
एक अन्य 'टॉक शो' में अमेरिका के ज्वाइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के अध्यक्ष एडमिरल माइक मुलेन ने भी क्षेत्र में भारतीय हितों को स्वीकार करते हुए कहा कि अफगानिस्तान और पाकिस्तान में क्या होता है, इससे नई दिल्ली के हित जुड़े हैं।
टीवी चैनल 'एनबीसी' पर मुलेन ने ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के पाकिस्तान को आतंकवाद फैलाना रोकने की चेतावनी देने वाले बयान का हवाला देते हुए कहा कि वहां क्षेत्रीय हित हैं और निश्चित तौर पर भारत वहां के परिणाम से प्रभावित होता है।
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी के आतंकवादी संगठनों के साथ संबंधों के बारे में मुलेन ने कहा कि पाकिस्तान ने रणनीतिक बदलाव किए हैं।
उन्होंने कहा कि अफगानिस्तान में मुख्य उद्देश्य दोबारा अलकायदा के सुरक्षित ठिकाने बनने से रोकना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तालिबान को हराने के लिए अफगान सरकार को समर्थ बनाने की बड़ी लड़ाई बाकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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