बिहार के 32 जिले सूखे की चपेट में
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार अगले मंगलवार को होने वाली मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के कम से कम 32 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। इसके लिए रविवार को मुख्य सचिव अनूप मुखर्जी की अध्यक्षता में हुई राज्य के वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में विचार-विमर्श किया गया।
कृषि विभाग के एक अधिकारी के अनुसार इन जिलों में औसत से 24 फीसदी कम बारिश हुई है। मंत्रिमंडल की बैठक में सूखा क्षेत्र की स्वीकृति मिल जाने के बाद राज्य सरकार केंद्र से सूखा राहत सहायता की मांग करेगी।
राज्य के आपदा प्रबंधन विभाग के प्रधान सचिव व्यास जी ने कहा कि औसत से 20 फीसदी कम बारिश होने की स्थिति में जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार सूखे से निपटने के लिए पहले ही 100 करोड़ रुपये की व्यवस्था कर चुकी है।
कृषि विभाग के एक अन्य अधिकारी के अनुसार राज्य में अब तक 13 लाख 37 हजार हेक्टेयर में ही धान की रोपाई हुई है जबकि 32 लाख 87 हजार हेक्टेयर में रोपाई का लक्ष्य रखा गया है।
उल्लेखनीय है कि पिछले साल राज्य के 26 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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