ग्रामीण क्षेत्रों में इस्पात की मांग का मूल्यांकन करेगी सरकार
प्रताप के मुताबिक ग्रामीणों के बीच इस्पात के उपयोग के फायदों के प्रति जागरुकता का अभाव और इस्पात के महंगे होने की धारणा के चलते गांवों में इस्पात की मांग में वृद्धि नहीं हो रही है।
देश के ग्रामीण इलाकों में इस्पात की खपत का मूल्यांकन करने के लिए शुरू किए गए इस अध्ययन में 300 जिलों के 1,500 गांवों, 4,500 निर्माताओं और 8,000 खुदरा कारोबारियों के साथ एक सर्वे किया जाएगा।
मंत्री ने कहा कि इस अध्ययन में ग्रामीण क्षेत्रों में इस्पात की मांग बढ़ाने की संभावनाओं का पता लगाया जाएगा।
मंत्रालय ने अपने एक बयान में कहा कि वर्ष 2009-10 में कच्चे इस्पात का उत्पादन 11 प्रतिशत बढ़कर 6.48 करोड़ टन रहा है जबकि वर्ष 2008-09 में इसका उत्पादन 5.84 करोड़ टन रहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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