मनमोहन ने वार्ता में गतिरोध के लिए कुरैशी को जिम्मेदार ठहराया
नई दिल्ली, 29 जुलाई (आईएएनएस)। भारत-पाकिस्तान के बीच हाल में हुई वार्ता पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने गुरुवार को पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी को पत्रकार वार्ता को गुमराह करने का जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश जल्द ही वार्ता की मेज पर आएंगे।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री डेविड कैमरन के समर्थन के बाद मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से कहा कि वह जिस तरह पश्चिमी सीमा पर आतंकवाद का मुकाबला कर रहा है उसी तरह भारतीय सीमा पर भी आतंकवाद का मुकाबला करे।
कैमरन के साथ संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में मनमोहन सिंह ने कहा, "मैं महसूस करता हूं कि भारत-पाक वार्ता के अंत में पाकिस्तान के विदेश मंत्री जिस तरह पत्रकार वार्ता में पेश आए, उससे बचा जा सकता था, क्योंकि यह कृत्य उस व्यापक सहमति को कमतर करता है जिस पर दोनों विदेश मंत्री एकमत हुए थे। "
उन्होंने कहा, "मैं उम्मीद करता हूं कि पाकिस्तान के विदेश मंत्री को जो आमंत्रण दिया गया है उस पर अमल होगा और हम वार्ता को जल्द ही फिर से बहाल करने में सक्षम होंगे।"
इस अवसर पर कैमरन ने इस बात पर जोर देते हुए कहा कि उनके पास स्पष्ट रूप से यह कहने के सिवाय कोई चारा नहीं है कि पाकिस्तान क्षेत्र से आतंकवाद को खत्म करे। उन्होंने रेखांकित किया कि पाकिस्तान को इस स्तर पर और प्रयास करने की जरूरत है और उसे अपने क्षेत्र से लश्कर-ए-तैयबा जैसे आतंकी संगठनों को नेस्तनाबूद करना होगा।
संवाददाता सम्मेलन में कैमरन ने कहा कि इसे स्वीकार नहीं किया जा सकता है कि पाकिस्तान में आतंकी संगठन मौजूद हों और यह न केवल पाकिस्तान में बल्कि पूरी दुनिया में आतंक फैलाएं।
कैमरन ने बुधवार को बेंगलुरू में कहा था कि पाकिस्तान आतंकवाद को फैलाना बंद करे। कैमरन की इस टिप्पणी पर पाकिस्तान में तीखी प्रतिक्रिया हुई। गुरुवार को उन्होंने अपनी टिप्पणी पर कायम रहते हुए कहा कि वह इन मसलों पर स्पष्ट और सरलता से बोलने में विश्वास रखते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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