बाल श्रमिकों की संख्या में कमी आई : सरकार
रावत ने लोकसभा में बताया कि देश में बाल श्रमिकों की संख्या में कमी आई है। वर्ष 2001 की जनगणना में बाल श्रमिकों की संख्या 1.26 करोड़ थी, जो वर्ष 2004-05 के दौरान 0.89 करोड़ रही।
रावत ने कहा कि बाल श्रम (निषेध एवं नियमन) अधिनियम 1986 को कड़ाई से लागू करने और पुर्नवास कार्यक्रम 'राष्ट्रीय बाल श्रम परियोजना' (एनसीएलपी) पर पहल किए जाने के बाद बाल श्रमिकों की संख्या में कमी आई है।
रावत के अनुसार पिछले साल एनसीएलपी के तहत उत्तर प्रदेश के 14,087, आंध्र प्रदेश के 13,689, उड़ीसा के 10,585, और पश्चिम बंगाल के 6,500 बाल श्रमिकों का पुर्नवास किया गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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