गहलोत का 'राइट टू होम' कानून बनाने का सुझाव
गहलोत शनिवार को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय विकास परिषद की 55 वीं बैठक को सम्बोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि 'आवास का अधिकार' कानून के लिए राजीव गांधी आवास योजना, इंदिरा आवास योजना, महानरेगा एवं अन्य योजनाओं का सहयोग लेकर लघु एवं दीर्घकालीन योजनाएं बनानी चाहिए और इसे 'रोटी-कपड़ा और मकान' की भावना के अनुरूप लागू किया जाना चाहिए। इस कानून में आवास प्रत्येक नागरिक का अधिकार होना चाहिए।
गहलोत ने बैठक में राजस्थान के बाड़मेर जिले में रिफाईनरी की स्थापना की मांग को एक बार फिर से उठाते हुए बताया कि बाड़मेर में रिफाईनरी लगने से 25 प्रतिशत से भी ज्यादा उत्पादन होगा। मुख्यमंत्री ने बताया कि 50 वर्षो के अथक प्रयासों के बाद राजस्थान में तेल और गैस के अथाह भंडार मिले हैं। कच्चे तेल की इस खोज का पूरा लाभ राज्य को तभी मिल सकेगा, जब राज्य में रिफाईनरी की स्थापना हो। जिससे प्रदेश में रोजगार के अवसर बढ़े तथा राजस्व आय में भी वृद्घि हो सके।
उन्होंने बताया कि राजस्थान देश के बड़े राज्यों में से एक मात्र राज्य हैं, जहां रिफाईनरी नहीं है। देश में बहुत से ऐसे राज्य है जिनमें कच्चे तेल का उत्पादन नहीं होने के बाद भी रिफाईनरी स्थापित है, जबकि राजस्थान में विशाल 'ऑयल-फील्ड' मौजूद है, ऐसी स्थिति में राजस्थान में तेल रिफाईनरी की स्थापना होना न्यायोचित है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications