'मोदी को बचाने के लिए शाह को बलि का बकरा बनाया जा रहा'
कांग्रेस प्रवक्ता शकील अहमद ने आईएएनएस को बताया, "अमित शाह और मोदी का यह कहना कि सीबीआई (केंद्रीय जांच ब्यूरो) को राजनीतिक औजार के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, बचाव की एक तर्कहीन प्रक्रिया है। अंततोगत्वा अदालत निश्चित सवाल पूछेगी और जांच का दायरा मोदी की ओर बढ़ेगा। मोदी और भाजपा यहां एक अवरोध खड़ा करने की कोशिश कर रहे हैं और अमित शाह को बलि का बकरा बना रहे हैं।"
कांग्रेस के एक अन्य प्रवक्ता मनीष तिवारी ने समाचार चैनल, टाइम्स नाउ के साथ बातचीत में अमित शाह और भाजपा पर आरोप लगाया कि दोनों ने राज्य की ओर से दाखिल हलफनामे को पढ़ा नहीं है। तिवारी ने कहा, "दोनों को वर्ष 2007 में पुलिस महानिरीक्षक गीता जौहरी द्वारा दाखिल किए गए हलफनामे को पहले पढ़ लेना चाहिए, फिर जुबान खोलनी चाहिए। फरारी के दौरान सार्वजनिक बयानबाजी देने के बदले जांच करने वाली एजेंसी के बचाव में क्यों न बोला जाए?"
गुरुवार से ही लापता शाह नाटकीय अंदाज में भाजपा की गुजरात राज्य इकाई के अध्यक्ष आर.सी.फर्दू द्वारा अहमदाबाद में रविवार सुबह आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में सामने आए और उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत हैं।
शाह ने कहा कि नई दिल्ली में सत्ता में बैठी कांग्रेस नेतृत्व वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार नरेंद्र मोदी की सरकार से बदला लेने की एक हताशाभरी कोशिश में उन्हें फंसा रही है।
शाह ने सीबीआई के शिविर कार्यालय के लिए प्रस्थान करने से पहले संवाददाताओं से कहा, "मेरे खिलाफ लगाए गए आरोप मनगढ़ंत, राजनीति से प्रेरित और कांग्रेस सरकार के इशारे पर लगाए गए हैं।" बाद में उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
शाह ने शनिवार को अपना इस्तीफा नरेंद्र मोदी को सौंप दिया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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