धूमल ने विशेष वित्तीय सहायता की मांग की
शनिवार को राष्ट्रीय विकास परिषद की 55 वीं बैठक में मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल ने कहा कि जहां 13वें वित्त आयोग ने 12 वें वित्त आयोग की तुलना में राज्यों के वित्तीय संसाधनों में 126 प्रतिशत बढ़ोतरी की सिफारिश की है वहीं दूसरी ओर राज्य में केवल 50 प्रतिशत बढ़ोतरी ही दर्ज हुई है जोकि पूरे देश में सबसे न्यूनतम है।
उन्होंने बताया कि वित्त आयोग ने राज्य में वेतन, पेंशन, ब्याज आदि मुद्दों पर वर्ष 2010-15 के दौरान मात्र दो प्रतिशत वार्षिक वृद्धि की दर आंकी है जबकि वास्तव में इन मुद्दों में 10 प्रतिशत वार्षिक दर की बढ़ोतरी दर्ज की जाएगी।
धूमल ने कहा कि 13 वें वेतन आयोग द्वारा वर्ष 2010-11 के दौरान 3.5 प्रतिशत वित्तीय घाटे की सीलिंग तथा 2014-15 तक तीन प्रतिशत वित्तीय घाटे की सीलिंग तय करना अव्यावहारिक है।
उन्होंने केंद्र प्रायोजित योजनाओं के अंतर्गत विशेष श्रेणी के सभी राज्यों को 90:10 के अनुपात में केंद्रीय सहायता प्रदान करने का अनुरोध किया। साथ ही उन्होंने राज्य के सभी 10:88 लाख सामान्य श्रेणी के परिवारों को अन्य श्रेणी राज्यों की तर्ज पर 35 किलो मासिक खाद्यान प्रदान करने का अनुरोध किया।
धूमल ने डॉक्टर सी.रंगराजन कमेटी की सिफारिशों को कार्यान्वित करते हुए जल विद्युत परियोजनाओं पर 10 पैसे प्रति यूनिट की दर से जनरेशन टैक्स लगाने की अनुमति प्रदान करने का अनुरोध करते हुए कहा कि इससे राज्य को वार्षिक 250 करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व मिलेगा, जिससे राज्य आर्थिक तौर पर संपन्न एवं आत्मनिर्भर होगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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