साल के अंत तक कम होगी महंगाई : प्रधानमंत्री (लीड-2)
उन्होंने यह भी कहा कि 11वीं पंचवर्षीय योजना (2007-12) की मध्यावधि समीक्षा के अनुसार योजना के लिए तय लक्ष्य हासिल नहीं हो सकेंगे।
राष्ट्रीय विकास परिषद की बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा, "हमें उम्मीद है कि थोक मूल्य सूचकांक दिसंबर तक गिरकर छह प्रतिशत के करीब आ जाएगा।"
उन्होंने कहा, "मौजूदा समय में महंगाई का मुख्य कारण खाद्य पदार्थो की कीमतों में वृद्धि है। इस बार मानसून सामान्य रहने की उम्मीद है। इससे वर्ष की दूसरी छमाही में खाद्य पदार्थो की कीमतों में कमी आएगी।"
प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद ने शुक्रवार को कहा था कि जून की 10.55 प्रतिशत की महंगाई दर के दिसंबर तक 7-8 प्रतिशत के बीच आने की उम्मीद है।
ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना की मध्यावधि समीक्षा के लिए आयोजित इस बैठक में सभी राज्यों के मुख्यमंत्री, योजना आयोग के सदस्य और केंद्रीय मंत्रिमंडल के महत्वपूर्ण सदस्य शामिल हो रहे हैं। बैठक में कृषि उत्पादकता, जल संसाधनों के प्रबंधन, बिजली उत्पादन के लक्ष्य, शहरीकरण के मुद्दों और जनजातीय विकास से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा होगी।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हालांकि मौजूदा पंचवर्षीय योजना के अंतर्गत तय लक्ष्य हासिल नही हुए हैं पर वर्ष 2007-12 के दौरान देश की औसत आर्थिक विकास दर 8.1 प्रतिशत रहने का अनुमान है। यह नौ प्रतिशत वार्षिक वृद्धि दर के अनुमान से कम है लेकिन किसी भी योजना के दौरान हासिल आर्थिक वृद्धि दर से अधिक है।
प्रधानमंत्री ने कहा है कि 11वीं पंचवर्षीय योजना के तीन वर्ष बीत चुके हैं, इसलिए इसकी समीक्षा तथा उम्मीद से कम प्रदर्शन वाले क्षेत्रों की कमियों की पहचान कर सुधार के लिए कदम उठाने जरूरी हैं।
उन्होंने कहा कि 11वीं योजना में नौ प्रतिशत वार्षिक की दर से समग्र विकास का लक्ष्य रखा गया है। वैश्विक मंदी और वर्ष 2009 में गंभीर सूखे के बावजूद आर्थिक वृद्धि दर बेहतर रही है। ग्यारहवीं योजना की मध्यावधि समीक्षा के अनुसार इस योजना के दौरान 8.1 प्रतिशत वार्षिक की दर से आर्थिक विकास होगा।
प्रधानमंत्री कहा कि देश में आधारभूत संरचनाओं विकास के लक्ष्य पूरे नहीं हो रहे हैं और बड़ी परियोजनाओं को लागू करने की रणनीति पर फिर से काम करने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, "लगातार 8-10 प्रतिशत की आर्थिक वृद्धि के लिए देश में आधारभूत सुविधाओं की स्थिति ठीक नहीं है। हमें भविष्य में काफी अधिक काम करने की आवश्यकता है।"
देश की योजना वर्ष 2012-17 के दौरान आधारभूत क्षेत्र में निवेश राशि दोगुना करने 10 खरब डॉलर करने की है। यह रकम करीब-करीब मौजूदा सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के बराबर है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सार्वजनिक-निजी भागीदारी के जरिए परियोजनाओं को पूरा करने में कुछ प्रगति हुई है। फिर भी आधारभूत ढांचा परियोजनाओं के ठेके देने के तरीके को नए ढंग से बनाने की आवश्यकता है।
प्रधानमंत्री ने अगले वित्तीय वर्ष से पूरे देश में वस्तुओं और सेवाओं पर एक समान कर लागू करने के प्रयासों में राज्य सरकारों का समर्थन भी मांगा।
उन्होंने कहा, "संसाधन जुटाने में कर ढांचे और कर प्रशासन में सुधार एक अन्य महत्वपूर्ण कदम है। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) को लागू किया जाना इस संदर्भ में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है और मैं मुख्यमंत्रियों से आग्रह करूंगा कि एक अप्रैल 2011 से जीएसटी को लागू करने के प्रयासों को वे पूरा समर्थन दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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