हरियाणा में बांध में फिर दरार, पंजाब में कहर जारी

सिरसा में घग्गर नदी पहले से ही खतरे के निशान से काफी ऊपर बह रही थी कि गुरुवार की सुबह एक और तटबंध में दरार आ गई। इस दरार को देख आस-पास के इलाकों में हड़कंप मच गया। जिला प्रशासन के अधिकारी व सेना के जवान तुरंत मौके पर पहुंचे और पानी रोकने का काम शुरू कर दिया। हालांकि ऐतियात के तौर पर कई और गांव खाली करा लिए गए हैं।
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सिरसा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यहां बताया, "घग्गर नदी के तटबंधों की दरारों को भरने के काम में सैन्यकर्मी लगे हुए हैं। इन्हीं तटबंधों में दरार के कारण इन इलाकों को बाढ़ के कहर से जूझना पड़ रहा है। 10,000 एकड़ से ज्यादा भूमि पर फसलें नष्ट हो चुकी हैं। यहां में तीन से चार फुट तक पानी भरा है और बाढ़ से करीब एक दर्जन गांव प्रभावित है। उम्मीद है कि शाम तक स्थिति पर नियंत्रण पा लिया जाएगा।"
उधर पंजाब के बाढ़ग्रस्त मानसा जिले में स्थिति और भयावह हो गई है। घग्गर नदी का पानी पांच और गांवों में घुस आया। बाढ़ की चपेट में आए गांवों की संख्या अब 30 हो गई है। मनसा जिले के शार्दूलगढ़ उपमंडल में कई एकड़ कृषि योग्य भूमि डूब गई है।
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मानसा के उपायुक्त कुमार राहुल के मुताबिक शार्दूलगढ़ इलाके में बाढ़ की स्थिति सबसे ज्यादा गंभीर है। करीब 30 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और यहां के ज्यादातर लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। स्थिति पर नियंत्रण के लिए हम दिन-रात लगे हुए हैं और निचले इलाकों को बाढ़ से बचाने का प्रयास कर रहे हैं।
नागरिक अधिकारियों के अलावा सेना और अर्धसैनिक बलों के जवान भी राहत अभियान में मदद कर रहे हैं। राहुल ने बताया, "करीब 200 मकान और करीब 5,000 एकड़ में खड़ी फसल नष्ट हो गई है। बाढ़ पीड़ितों को खाने के डिब्बे और पानी पहुंचाने के लिए हमने सभी प्रबंध किए हैं। मानसा में बाढ़ के चलते अब तक किसी की मौत की सूचना नहीं है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार पटियाला, संगरूर, मोहाली, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, मोगा और मानसा जिलों में करीब 271,784 एकड़ की फसल नष्ट हो चुकी है।












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