रिकॉर्डधारी गिटारवादक को नहीं मिली छात्रवृत्ति
बृज खंडेलवाल
आगरा, 14 जुलाई (आईएएनएस)। आगरा के रहने वाले आकाश गुप्ता ने गिटारवादन के कई रिकॉर्ड बनाए हैं और उसका शैक्षिक रिकॉर्ड भी अच्छा रहा है लेकिन उसका किसी शीर्ष स्कूल में पूरी छात्रवृत्ति मिलने के साथ दाखिला लेने का सपना अधूरा रह गया है।
पंद्रह वर्षीय आकाश के पिता कृष्ण गुप्ता कहते हैं कि उनके बेटे से वादा किया गया था कि यदि उसने 'काउंसिल फॉर इंडियन स्कूल सर्टिफिकेट' द्वारा संचालित 10वीं की परीक्षाओं में 90 प्रतिशत अंक हासिल किए तो उसे 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति दी जाएगी।
जब इस साल मई में परीक्षा परिणाम आया तो वह आकाश के अंक देखकर हैरान रह गए, उसे 90 प्रतिशत से कम अंक मिले थे। तब आकाश के सपने बिखर गए लेकिन एक फैक्ट्री में काम करने वाले गुप्ता ने 3,200 रुपये इकट्ठे कर परिषद में अंकों की दोबारा गिनती की अर्जी दी।
पुर्नमूल्यांकन के बाद परिषद ने आकाश के स्कूल सेंट पीटर्स कॉलेज के प्राचार्य को सूचना दी कि कि उसने कम्प्यूटर एप्लीकेशंस में 76 नहीं 98 अंक हालिस किए हैं। इस तरह 22 अंक बढ़ने से आकाश का प्रतिशत 90 से भी अधिक हो गया।
दुर्भाग्य से पुर्नमूल्यांकन के बाद यह सूचना बहुत देर से आई और तब तक दाखिले की अंतिम तारीख निकल गई थी।
गुप्ता ने आईएएनएस से कहा, "दो शीर्ष स्कूलों (एक दिल्ली और दूसरा गुड़गांव में) ने 100 प्रतिशत छात्रवृत्ति के साथ दाखिला देने की बात कही थी। अब ये स्कूल कह रहे हैं कि दाखिले के लिए बहुत देर हो गई है।"
सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी के जवाब में परिषद ने गुप्ता से कहा है कि परिषद सार्वजनिक निकाय नहीं है और आरटीआई कानून 2005 की धारा 2 (एच) के अंतर्गत नहीं आती।
अब गुप्ता ने इलाहबाद उच्च न्यायालय में एक याचिका दायर की है। वह कहते हैं कि किसी न किसी को एक प्रतिभाशाली लड़के का करियर बर्बाद करने की जिम्मेदारी लेनी होगी।
आकाश ने पिछले साल जून में सभी लोगों को उस वक्त आश्चर्यचकित कर दिया था जब उसने 55 घंटे तक लगातार बिना रुके गिटार बजाया था। उसका नाम गिनीज बुक में दर्ज हुआ था। इसके बाद आकाश ने लगातार 70 घंटे तक गिटारवादन की प्रस्तुति दी और एक बार फिर उसका नाम रिकॉर्ड बुक्स में दर्ज हुआ। लिम्का बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में भी उसका नाम दर्ज है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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