बरसात में यूं रहें स्वस्थ
विशेषज्ञों ने एंटीबायोटिक्स के अत्यधिक इस्तेमाल से बचने और प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाने की सलाह दी है।
मैक्स हॉस्पिटल के वरिष्ठ चिकित्सक अनिल गोम्बर ने आईएएनएस से कहा, "उच्च आद्र्रता और तापमान के बहुत कम या बहुत ज्यादा न होने पर बैक्टीरिया आसानी से वृद्धि कर लेते हैं। इसके परिणामस्वरूप पीलिया, मलेरिया, टायफायड, हैजा, खांसी, सर्दी, बुखार और फ्लू जैसी बीमारियां हो सकती हैं।"
दिल्ली नगर निगम को अब तक मलेरिया के 12 और हैजा के 173 मामले मिले हैं। यहां डेंगू के भी तीन मामले सामने आए हैं।
दिल्ली नगर निगम के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी एन.के. यादव कहते हैं, "लोगों को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वे जो पानी पी रहे हैं वह शुद्ध है। घर को हमेशा स्वच्छ रखना चाहिए और बच्चों की साफ-सफाई पर ज्यादा ध्यान देना चाहिए।"
चिकित्सक कहते हैं कि संक्रमण को दूर रखने के लिए बहुत सी सावधानियां बरती जा सकती हैं।
गोम्बर ने कहा, "बरसात के मौसम में जिन गड्ढ़ों में पानी भर जाता है उनकी हमेशा सफाई करते रहना जरूरी है, इसके साथ नालियों की सफाई भी जरूरी है, छतों पर भी पानी नहीं रुकना चाहिए। मच्छरों से हर तरह के बचाव करना चाहिए और सबसे महत्वपूर्ण यह है कि पीने का पानी एकदम शुद्ध हो।"
विशेषज्ञों ने प्रतिरोधक तंत्र मजबूत बनाने की भी सलाह दी है।
बत्रा अस्पताल के एक वरिष्ठ सलाहकार अरुण दीवान कहते हैं, "प्राकृतिक प्रतिरोधक तंत्र हमें अपनी सुरक्षा प्रणाली के साथ सुरक्षित करता है। जब प्रतिरोधक तंत्र अपने बल पर संक्रमण से निपटने में सक्षम होता है तो वह और भी मजबूत बनता है।"
विशेषज्ञ कहते हैं कि एंटीबायोटिक्स के बहुत अधिक इस्तेमाल से बचना चाहिए।
अश्वगंधा, गुडुची और केसर में प्रतिरोधक तंत्र को मजबूत बनाने वाले प्राकृतिक पोषक तत्व होते हैं। ये पोषक तत्व तनाव को कम करते हैं, शरीर को ऊर्जा से भर देते हैं और प्रतिरोधक तंत्र को भी मजबूत बनाते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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