जापानी वायरस से बचाव करेगी होम्योपैथिक दवा
इस अध्ययन का लक्ष्य जापानी इनसेफलाइटिस वायरस से संक्रमित चिक एम्ब्रायो के कोरियोएलांटोइक मेम्ब्रोन पर होम्योपैथिक प्रबलता में बेल्लाडोन्ना के रोगनिरोधी कार्य का आकलन करना था।
अध्ययन के परिणाम से प्लेस्बो की तुलना में विभिन्न प्रबलताओं में होम्योपैथिक औषधि बेल्लाडोन्ना से जापानी इनसेफलाइटिस वायरस से संक्रमण को चुनौती दी गई तो कोशिका प्रसरण और नेक्रोसिस के डिस्क्रीट फोसी यानी पक्स में महत्वपूर्ण कमी देखी गई। इस अध्ययन के निष्कर्ष संक्रमण रोगों की अमेरिकी पत्रिका के ताजा अंक में प्रकाशित किए गए।
भारत सहित दक्षिणपूर्वी एशिया में हर साल करीब 10,000 मौतें जापानी इनसेफलाइटिस से होती हैं। इस वायरस से 10 साल से कम उम्र के बच्चे ज्यादा प्रभावित होते हैं। मुख्य जांचकर्ता डा. भासवती बंद्योपाध्याय के नेतृत्व में किए गए इस अध्ययन से आशा की नई किरण नजर आई है, लेकिन अभी इस दिशा में और अनुसंधान की जरूरत है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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