उड़ीसा ने औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र के लिए समझौते किए
तकनीकी शिक्षा एवं प्रशिक्षण निदेशक अनिल सामल ने प्रदेश सचिवालय में मुख्यमंत्री नवीन पटनायक और उद्योग मंत्री रघुनाथ मोहंती की उपस्थिति में कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ इन समझौतों पर हस्ताक्षर किए।
समझौते पर हस्ताक्षर करने वाली कंपनियों में एक्शन इस्पात एण्ड पावर, आधुनिक मेटलिक्स, क्रेकर्स इंडिया, एमजीएम स्टील, पोस्को इंडिया, रूंगटा माइन्स, एसएसएल एनर्जी, सीईएससी, केवीके नीलाचल पावर, जीएमआर कमलांग एनर्जी, वीजा पावर, एस्सार स्टील उड़ीसा और महानदी अबन पावर शामिल हैं।
एक वरिष्ट अधिकारी ने आईएएनएस से कहा कि ये सभी कंपनियां विभिन्न जगहों एक-एक औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करेंगी। उन्होंने कहा, "हर प्रशिक्षण केंद्र में कंपनी करीब छह करोड़ रुपये का निवेश करेगी।"
प्रदेश में निर्माण और धातु क्षेत्र के लिए प्रतिवर्ष 1,40,000 से 1,80,000 कुशल, अर्धकुशल और अकुशल लोगों की जरूरत है।
सरकार ने यह समझौता प्रदेश में कर्मचारियों की कमी को दूर करने के लिए किया है।
समझौते के मुताबिक सरकार कंपनियों के लिए जमीन उपलब्ध कराएगी और कंपनियां यहां एक साल में प्रशिक्षण केंद्र विकसित करेंगी।
इससे पहले 24 मई को उड़ीसा विद्युत उत्पादन निगम, टाटा पावर, वेदांता स्टरलाइट एनर्जी, इमामी पेपर मिल, आरएसबी मेटलिक, सुरेंद्र माइनिंग इंडस्ट्रीज, मोनेट इस्पात एण्ड एनर्जी, उत्तम उत्कल स्टील और आईएनडी-भारत एनर्जी ने यह समझौता किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्र्विस।












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