आईआईटी कानपुर के छात्र की मौत, जांच की मांग
कानपुर। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), कानपुर का प्रबंधन एक बार फिर संदेह के घेरे में आ गया है। असल में शहर के एक साइकेट्रिक सेंटर में बुधवार को आईआईटी के एक छात्र की मौत हो गई। छात्र की मौत से आईआईटी का प्रशासन हलकान जरूर है, लेकिन निदेशक ने छात्र पर किसी भी प्रकार के मानसिक दबाव बनाए जाने की बात से इंकार किया है।
आईआईटी कानपुर से एमटेक मैकेनिकल की पढ़ाई कर रहे छात्र राकेश कुमार ठाकुर की बुधवार को शहर के महेंद्रु साइकेट्रिक सेंटर में मौत हुई। ठाकुर की मौत के बारे में आईआईटी कानपुर ने बुधवार देर शाम एक आधिकारिक बयान जारी किया।
छात्रों ने की जांच की मांग
मानसिक कारणों की वजह से हुई मौत पर इससे पहले संस्थान पर सवाल उठाए जाएं, कि निदेशक संजय गोविंद धांडे ने साफ कर दिया कि वो मानसिक बीमारी से ग्रसित था। संस्थान के प्रशासन ने इसके पीछे खुदकुशी जैसी किसी भी बात होने से साफ इंकार किया है।
प्रशासन भले ही मौत के कारणों को दबाने की कोशिश में है, लेकिन यहां के छात्रों में गुस्सा भरा हुआ है। छात्रों ने राकेश की मौत की जांच कराने की मांग की है। छात्रों का कहना है कि घटना के पीछे कोई पेंच हो सकता है। छात्रों ने आरोप लगाया कि राके के शव को उनके परिजनों को गुप्त रूप से सौंप दिया गया। राकेश ठाकुर बिहार के दरभंगा का रहने वाला था। आईआईटी अधिकारियों के मुताबिक उसकी मौत के समय उसके परिजन अस्पताल में मौजूद थे।












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