फिर बिगड़े घाटी के हालात (लीड-1)
श्रीनगर के बटमालू इलाके में मुजफ्फर अहमद भट्ट नाम के एक 17 वर्षीय किशोर का शव एक नाले से बरामद किए जाने के बाद हंगामा शुरू हो गया। मुजफ्फर के घर वालों का आरोप है कि केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआपीएफ) के जवानों के पीछा करने की वजह से वह नाले में कूद गया जहां उसकी मौत हो गई।
भट्ट का शव बरामद किए जाने के बाद जब पुलिस ने कर्फ्यू लगाने की कोशिश की तो भीड़ ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया और पथराव किया। जवाब में पुलिस ने गोलीबारी की जिसमें सरकारी मुलाजिम फैय्याज अहमद वानी की मौत हो गई और दो व्यक्ति घायल हो गए।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, "वानी की गर्दन में गोली लगी थी। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उनकी मौत हो गई।"
फैय्याज की मौत के बाद पूरे श्रीनगर में तैनाव फैल गया। सैकड़ों लोगों ने दोनों शवों को लेकर पुराने श्रीनगर के ईदगाह मैदान में जुलूस निकालने की कोशिश की। यहीं निकट में कब्रगाह में है। पूरे श्रीनगर में दुकानें और अन्य कारोबारी प्रतिष्ठान बंद हैं।
प्रदर्शनकारियों पर काबू पाने के लिए सुरक्षा बलों ने लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोल छोड़े। सीआरपीएफ के जवानों ने कुछ पत्रकारों पर भी लाठी चार्ज किया। इसमें समाचार एजेंसी एएफपी के पत्रकार तौसीफ मुस्तफा और एक फोटो पत्रकार फारूक जावेद खान घायल हो गए। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गौरतलब है कि बीते कई दिनों से रह-रहकर तनाव की स्थिति पैदा हो रही है। पिछले कुछ दिनों के दौरान सुरक्षा बलों के साथ झड़प और हिंसक प्रदर्शन में 11 लोग मारे गए हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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