राष्ट्र को समर्पित हुआ आईजीआई हवाईअड्डे का टर्मिनल-3 (राउंडअप)

उद्धाटन समारोह में केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और जीएमआर समूह के अध्यक्ष जी. एम. राव भी मौजूद थे। सालाना करीब 3.4 करोड़ यात्री क्षमता वाले इस टर्मिनल से अंतर्राष्ट्रीय सेवाओं की शुरुआत 16 जुलाई से होगी।

इस मौके पर प्रधानमंत्री ने कहा, "यह पूरे देश के लिए एक विशेष अवसर है। टर्मिनल-3 का रिकॉर्ड समय (37 महीने) में बन जाना, हम सबके लिए गर्व की बात है। मैं अपने सहयोगी प्रफुल्ल पटेल, दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित और इस परियोजना से जुड़े सभी लोगों को बधाई देता हूं।"

सिंह ने कहा, "देश के स्थायी विकास में उड्डयन क्षेत्र की भूमिका बहुत अहम है। इस टर्मिनल के जरिए देश ने एक वैश्विक मानक स्थापित किया है। इस परियोजना ने सार्वजनिक-निजी भागदारी की सफलता को भी सही साबित किया है।"

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस टर्मिनल के निर्माण में 58 सरकारी एजेंसियां शामिल थीं और परियोजना में शामिल सभी लोग बधाई के पात्र हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वर्ष 2007 में आईजीआई हवाई अड्डा सेवाओं के मामले में दुनिया के बेहतरीन हवाई अड्डों के मुकाबले 101वें स्थान पर था, अब 2010 में यह 21वें स्थान पर आ गया है।

सिंह ने भरोसा दिलाया कि इस हवाई अड्डे को सेवाएं व सुविधाओं के स्तर के मामले में दुनिया के 10 बेहतरीन हवाईअड्डों में गिना जाएगा।

प्रधानमंत्री ने कहा कि विमानन क्षेत्र में भारत दुनिया में 9वां सबसे बड़ा बाजार बन गया है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1990 में दो विमानन कंपनियां काम करती थीं, आज विमानन कंपनियों की संख्या 10 हो गई है। 1990 में भारत के विमनान क्षेत्र में 100 विमान सक्रिय थे, आज लगभग 400 विमान सक्रिय हैं। देश के विमानन क्षेत्र में लगभग 120 अरब डॉलर पूंजी निवेश की गुंजाइश है।

इस अवसर पर सोनिया गांधी ने कहा, "मैं बहुत खुश हूं कि यह टर्मिनल तय समय में तैयार हो गया। यह पूरे देश के लिए एक बड़ी कामयाबी है। दिल्ली मेट्रो हो या फिर यह टर्मिनल, ऐसी परियोजनाओं ने हम सभी को गौरवान्वित किया है।"

समारोह में प्रफुल्ल पटेल ने कहा, "आज पूरे देश के लिए गर्व का क्षण है। इस परियोजना को पूरा करने में सोनिया गांधी और प्रधानमंत्री का पूरा सहयोग रहा है। मैं इन दोनों लोगों को धन्यवाद देता हूं। इस टर्मिनल से देश के उड्डयन क्षेत्र का स्तर और उठ गया है।"

गौरतलब है कि बेंगलुरू स्थित आधारभूत संरचना कंपनी, जीएमआर ने सरकारी क्षेत्र की कंपनी, भारतीय हवाईअड्डा प्राधिकरण, जर्मनी की फ्रेपोर्ट और मलेशिया एयरपोर्ट होल्डिंग के संयुक्त समूह के जरिए यह टर्मिनल तैयार किया है।

इस टर्मिनल के कुछ खास पहलू इस प्रकार हैं:-

-दुबई, बीजिंग, सिंगापुर, बैंकाक और मेक्सिको सिटी के बाद यह छठां सबसे बड़ा टर्मिनल है।

- करीब 54 लाख वर्गफुट का विनिर्मित स्थान।

- मौजूदा टर्मिनलों की 10 एयरोब्रिज की तुलना में 78 एयरब्रिज।

- 63 एलीवेटर, 35 एस्केलेटर, 92 स्वचालित रास्ते।

- 168 चेक-इन काउंटर, 95 आव्रजन केंद्र।

- एक विशाल फूड कोर्ट सहित 20 हजार वर्गफुट का रिटेल एरिया।

- 12,800 बैग प्रति घंटे की दर से सामान परिवहन क्षमता वाले 6.4 किलोमीटर लंबे कन्वेयर बेल्ट।

- 4,300 कारों की क्षमता वाली मल्टी-लेयर पार्किं ग।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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