कंधमाल दंगा मामले में दो को 6 वर्ष की कैद
बचाव पक्ष के वकील अजीत पटनायक ने आईएएनएस को बताया कि फूलबनी स्थित त्वरित अदालत के न्यायाधीश सोभन कुमार दास ने रसानंद प्रधान की हत्या में संलिप्तता पर सुशांत साहू और तुकुना साहू को सजा सुनाई है।
लकवाग्रस्त प्रधान को 24 अगस्त, 2008 को रूपागांव स्थित उसके घर में आग लगाकर जिंदा जला दिया गया था। अदालत ने दोनों आरोपियों पर पांच-पांच हजार रुपये जुर्माना भी लगाया है।
उल्लेखनीय है कि 23 अगस्त, 2008 को विश्व हिंदू परिषद के सदस्य स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती और उनके चार सहयोगियों की हत्या के बाद कंधमाल जिले में व्यापक हिंसा भड़क उठी थी।
हिंसा के दौरान कम से कम 38 लोग मारे गए थे और 25 हजार से अधिक ईसाइयों को घर छोड़ने के लिए बाध्य कर दिया गया था। हालांकि, सरस्वती की हत्या के लिए पुलिस ने नक्सलियों को जिम्मेदार ठहराया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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