उत्तर प्रदेश में मानसून में 20 साल में सबसे ज्यादा देरी
सामान्य तौर पर उत्तर प्रदेश में मानसून 15 जून तक पहुंच जाता है। मौसम विभाग ने अगले तीन-चार दिन बाद मानसून के दस्तक देने की उम्मीद जताई है।
मौसम विभाग के निदेशक जे.पी.गुप्ता ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, "उत्तर प्रदेश में मानसून चार जुलाई तक पहुंचने के आसार हैं। बंगाल की खाड़ी में स्थितियां तेजी से मानसून के अनुकूल बन रही हैं।" गुप्ता ने कहा कि मानसून राज्य की पूर्वी सीमा की तरफ से प्रवेश करेगा। राजधानी लखनऊ में यह कुछ दिन विलंब से 6-7 जुलाई तक पहुंचेगा आठ जुलाई तक मानसून पूरे राज्य में पहुंचेगा। लखनऊ में आमतौर पर 18 जून तक मानसून दस्तक दे देता है।
मौसम विभाग के मुताबिक पिछले दो दशकों में 15 से 30 जून के बीच राज्य में मानसून का आगमन हो गया था। पिछले साल भी 29 जून को मानसून ने दस्तक दे दी थी।
जून के महीने में उत्तर प्रदेश में सामान्य तौर पर 90 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए, लेकिन अभी तक तकरीबन 40 मिलीमीटर बारिश ही दर्ज हुई है।
आने वाले महीने में भी सामान्य से कम बारिश होनी का आशंका के बारे में पूछे जाने पर गुप्ता ने कहा कि जुलाई, अगस्त और सितंबर महीने में अच्छी बारिश के आसार हैं।
उन्होंने कहा कि पूरी उम्मीद है कि सामान्य के आस-पास बारिश दर्ज होगी। इस साल सूखे जैसी स्थिति का सामना नहीं करना पड़ेगा।
पिछले साल मानसून थोड़े विलंब के बाद जून महीने में आ गया था लेकिन सामान्य से तकरीबन 40 फीसदी कम बारिश हुई थी। राज्य के 44 जिले सूखाग्रस्त घोषित कर दिए गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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