कश्मीर में हिंसा के पीछे लश्कर का हाथ : चिदंबरम (लीड-1)
चिदंबरम ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि जून में जम्मू एवं कश्मीर में अशांति दिख रही है लेकिन सरकार वहां शांति बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है। सुरक्षा बलों को भी संयम बरतने की उन्होंने सलाह दी।
चिदंबरम ने कहा कि अमरनाथ यात्रियों को पूरी सुरक्षा उपलब्ध कराई जाएगी।
प्रदेश में पिछले एक महीने में विरोध प्रदर्शन कर रही उग्र भीड़ पर सुरक्षा बलों की गोलीबारी में 11 नागरिकों की मौत हो चुकी है।
यह पूछे जाने पर कि मंगलवार को उन्होंने उत्तेजना फैलाने के लिए जिन तत्वों पर आरोप लगाया था, क्या वे पाकिस्तानी हैं, चिदंबरम ने कहा, "राष्ट्रविरोधी ताकतें लश्कर-ए-तैयबा से जुड़ी हैं।"
उन्होंने कहा कि 25 जून को सोपोर की करनशिवन कालोनी में मुठभेड़ में दो आतंकवादी मारे गए थे। वे लश्कर-ए-तैयबा के सदस्य थे।
घाटी में कानून और व्यवस्था की हालत बिगड़ने पर जम्मू एवं कश्मीर की सरकार ने बुधवार को दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा कस्बों में अनिश्चिकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया। सोपोर में कर्फ्यू का पांचवां और श्रीनगर में दूसरा दिन है। इन स्थानों पर कर्फ्यू में कोई ढील नहीं दी गई।
मंगलवार को अनंतनाग में तीन किशोर मारे गए थे। कश्मीर घाटी में हिंसा के कारण जनजीवन चौथे दिन भी पंगु रहा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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