कश्मीरियों में अलगाव की भावना हिंसा का कारण : माकपा
माकपा ने एक बयान में कहा है कि संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार जम्मू एवं कश्मीर में लंबित मुद्दों के समाधान हेतु अवरुद्ध राजनीतिक संवाद को बहाल करने में विफल साबित हुई है।
बयान में कहा गया है, "यह संप्रग सरकार पर निर्भर है कि वह इस दिशा में तत्काल कदम उठाए। घाटी में इस व्यापक विरोध प्रदर्शन से यह बात सामने आई है कि अलगाव की गहरी भावना लोगों को प्रभावित कर रही है।"
माकपा ने कश्मीरी प्रदर्शनकारियों पर अधिक बल प्रयोग को रोकने के लिए सरकार और केंद्रीय अधिकारियों से ठोस कार्रवाई की मांग की।
बयान में कहा गया है कि अर्धसैनिक बलों और पुलिस के खिलाफ जानबूझ कर यु़वकों को उकसाया गया है।
बयान में कहा गया है, "यह जरूरी है कि पुलिस बल संयम बरतें और युवक बहकावे में आकर सुरक्षा बलों के साथ मुकाबला करने न जाएं।"
ज्ञात हो कि पिछले पांच दिनों से कश्मीर घाटी में हो रहे विरोध प्रदर्शनों में आठ लोगों की मौत हो चुकी है। घाटी के अधिकांश हिस्से कर्फ्यू की चपेट में हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












Click it and Unblock the Notifications