गुरुवार से लागू हो जाएगी नई ब्याज दर व्यवस्था
सरकारी क्षेत्र के ज्यादातर बैंकों ने अपनी आधार ब्याज दर 7-8 प्रतिशत के बीच घोषित की है। रिजर्व बैंक के दिशानिर्देशों के मुताबिक अब कोई भी बैंक अपनी घोषित आधार ब्याज दर से कम दर पर ऋण नहीं दे सकेगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने फरवरी में अपनी नई नीति के तहत छोटे कर्जदारों से भेदभावपूर्ण बेंचमार्क प्रमुख उधार दर (बीपीएलआर) पद्धति को बदलने के लिए आधार ब्याज दर सिस्टम लागू करने की घोषणा की थी।
बीपीएलआर सिस्टम के तहत बैंक विभिन्न श्रेणियों के कर्जदारों पर अलग-अलग ब्याज दर लागू करते थे। इससे छोटे कर्जदारों को तुलनात्मक रूप से ज्यादा ब्याज देना पड़ता था।
बीपीएलआर की व्यवस्था के अंतर्गत बड़े व्यापारिक समूहों को नियमित रूप से बीपीएलआर दरों से कम ब्याज दरों पर कर्ज मिलता रहता था जिससे उन्हें आम लोगों द्वारा जमा की गई रकम पर अनैतिक फायदा पहुंचता था।
भारतीय स्टेट बैंक ने मंगलवार को अपनी आधार ब्याज दर 7.5 प्रतिशत प्रतिवर्ष घोषित की इसके बाद अन्य सरकारी बैंकों ने भी अपनी आधार ब्याज दर की घोषणा कर दी।
बैंक ऑफ बड़ौदा, पंजाब नेशनल बैंक, यूनियन बैंक, बैंक ऑफ इंडिया और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया ने अपनी आधार ब्याज दर आठ प्रतिशत घोषित की है।
देना बैंक ने आधार ब्याज दर 8.5 प्रतिशत, सिंडिकेट बैंक और इंडियन ओवरसीज बैंक ने अपनी आधार ब्याज दर 8.25 प्रतिशत घोषित की है।
यह नई व्यवस्था लागू होने से अब कोई भी बैंक अपनी आधार ब्याज दर से कम दर पर लोन नहीं दे सकेगा इससे ऋण बाजार में पारदर्शिता बढ़ेगी।
नई ब्याज दर लागू होने के बावजूद पुराने और नए ऋणों पर ब्याज की राशि में बदलाव की संभावना नहीं है।
यदि किसी व्यक्ति ने 10 प्रतिशत की दर पर होम लोन लिया है तो बैंक 8 प्रतिशत की आधार ब्याज दर में 200 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी करके ब्याज की गणना करेगा।
अभी तक एसबीआई ने ही सबसे कम आधार ब्याज दर की घोषणा की है। इसके चलते देश में कुल कर्ज का पांचवा हिस्सा वितरित करने वाला एसबीआई अपने प्रतिस्पर्धी बैंकों को ऋण बाजार में कड़ी टक्कर दे रहा है।
बाजार को एक अन्य बड़े ऋण प्रदाता आईसीआईसीआई बैंक की आधार दर की घोषणा का इंतजार है, यह गुरुवार को घोषित किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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