कश्मीर के कई जिलों में कर्फ्यू, एसएमएस सेवाओं पर रोक (लीड-2)

राज्य में मंगलवार को अनंतनाग में तीन किशोरों की मौत के बाद हिंसा भड़क गई थी। गुस्साई भीड़ ने एक पुलिस चौकी, पेट्रोल पंप, वाहनों और कई दुकानों को आग लगा दी थी। दक्षिणी कश्मीर में भी लोग सड़कों पर उतर गए थे। प्रदर्शन कर रहे लोगों का आरोप है कि तीनो किशोरों की मौत सुरक्षा बलों की गोलियों से हुई है हालांकि इसकी पुष्टि नहीं हुई है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, "अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा कस्बों में अनिश्चतकालीन कर्फ्यू लगाया गया है। श्रीनगर के पुराने शहर के सात थाना क्षेत्रों और सोपोर में कर्फ्यू जारी है।"

अधिकारी ने कहा, "लोगों से कहा गया है कि वे कर्फ्यू की आहवेलना न करें। जानमाल की रक्षा के लिए यह जरूरी है।"

घाटी में बीते कई दिनों से तनाव व्याप्त है। राज्य के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने मौतों पर शोक व्यक्त किया है। उनका कहना है कि जहां भी जरूरत पड़ेगी वहां कर्फ्यू लगाया जाएगा, लेकिन भरपूर संयम बरता जाएगा।

इस बीच जम्मू एवं कश्मीर में बुधवार को एसएमएस सेवाएं बंद कर दी गईं ताकि राष्ट्र विरोधी तत्व तनाव और हिंसा को बढ़ावा न दे सकें। इससे एक दिन पहले ही उत्तरी कश्मीर में ये सेवाएं बंद की गई थीं।

सरकार के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "राष्ट्र विरोधी तत्वों और उनके मंसूबों को रोकने के लिए एसएमएस सेवाएं बंद की गई हैं। एसएमएस सेवाओं का दुरुपयोग किया जा रहा है।"

एक मोबाइल सेवा प्रदाता ने आईएएनएस को बताया, "हमें गृह विभाग की ओर से एसएमएस सेवाओं को पूरे राज्य में बंद करने का आदेश दिया गया है।"

इससे पहले मंगलवार को उत्तरी कश्मीर में एसएमएस सेवाएं बंद कर दी गई थीं। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के जवानों और पथराव कर रही भीड़ की झड़प के दौरान कुछ लोगों की मौत के बाद पूरी घाटी में तनाव फैल गया था। इसके बाद एसएमएस सेवाएं बंद की गई थीं। बीते 15 दिनों के भीतर घाटी में आठ लोग मारे जा चुके हैं।

गौरतलब है कि 2008 में अमरनाथ श्राइन बोर्ड के लिए भूमि आवंटन के बाद शुरू विवाद सरकार ने राज्य में एसएमएस सेवाओं पर पाबंदी लगा दी थी। वर्ष 2009 में दो महीने से भी लंबे समय तक प्री-पेड मोबाइल सेवाएं बंद कर दी गई थीं।

कश्मीर घाटी में पेट्रोल टैंकरों के चालकों के साथ मारपीट की कथित खबरों के बाद व्यापारियों के एक संगठन ने ईंधन की आपूर्ति फिलहाल रोक दी है। 'जम्मू एवं कश्मीर तेल टैंकर संगठन' के अध्यक्ष अनन शर्मा ने बुधवार को संवाददाताओं को बताया, "पेट्रोल टैंकरों के चालकों की कश्मीर में प्रदर्शन कर रहे लोगों ने पिटाई की थी। कुछ टैंकर पथराव की वजह से क्षतिग्रस्त हुए हैं।"

उधर कश्मीर घाटी के बारामूला में तनाव को कम करने के मकसद से सेना ने बुधवार को फ्लैग मार्च किया। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि एक ब्रिगेडियर के नेतृत्व में सेना की एक टुकड़ी ने बारामूला में फ्लैग मार्च किया ताकि लोगों में विश्वास बहाल किया जा सके और तनाव कम हो सके।

सूत्रों ने आईएएनएस को बताया, "जिला अधिकारी द्वारा सेना से औपचारिक आग्रह के बाद फ्लैग मार्च किया।"

इस बीच नई दिल्ली में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर की स्थिति की समीक्षा के लिए बुधवार शाम को आपात बैठक बुलाई है। राज्य में पिछले पांच दिनों के विरोध प्रदर्शनों के दौरान आठ लोगों की मौत हो चुकी है।

प्रधानमंत्री कार्यालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया यह बैठक सांय साढ़े पांच बजे प्रधानमंत्री के आवास सात रेसकोर्स पर होगी।

विश्वस्त सूत्रों ने बताया कि केंद्रीय गृहमंत्री पी. चिदंबरम, केंद्रीय गृह सचिव जी.के.पिल्लै और वरिष्ठ खुफिया अधिकारी बैठक में भाग लेंगे।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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