'सूर्य जैसे' तारे का चक्कर लगा रहा है एक नया ग्रह

यह नया तारा अपने सूर्य से बेहद दूर स्थित है। इसकी दूरी सूर्य और पृथ्वी के बीच की दूरी से भी 300 गुना अधिक है। इतनी अधिक दूरी होने के बावजूद यह ग्रह अपने मेजबान तारे का चक्कर लगा रहा है।

इस बात का खुलासा भी हुआ है कि उस ग्रह के वातावरण में वाष्प, कार्बन मोनोऑक्साइड और मॉलिक्यूलर हाइड्रोजन हैं। इस संबंध में सितंबर 2008 में पहली बार जानकारी मिली थी। इसका पता जेमिनी खगोलकेंद्र के माध्यम से लगाया गया।

इस संबंध में मांट्रियल विश्वविद्यालय के डेविड लाफ्रेनीरे और क्वेबेक स्थित सेंटर फॉर रिसर्च इन एस्ट्रोफिजिक्स के एक वैज्ञानिक ने विस्तार से अध्ययन किया।

दोनों वैज्ञानिकों ने इस बात की पड़ताल करनी चाही कि क्या वाकई वह विशाल ग्रह अपने मेजबान तारे का चक्कर लगा रहा है या फिर वह प्रक्रिया केवल कुछ दिनों के लिए सामने आई थी।

काफी गहन पड़ताल के बाद लाफ्रेनीरे ने खुलासा किया कि मेजबान तारा और विशालकाय ग्रह सचमुच एक दूसरे से जुड़े हुए हैं और वह ग्रह लंबे समय से तारे का चक्कर लगा रहा है।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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