बिहार में सूखे का खतरा, किसान मायूस
मौसम विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक आवश्यकता से काफी कम बारिश हुई है। विभाग के मुताबिक राज्य में अब तक अरवल, नवादा, बेगूसराय बांका तथा वैशाली जिलों में एक मिलीमीटर बारिश भी नहीं हुई है।
सूखे की आशंका को देखते हुए सरकार ने भी तैयारी प्रारंभ कर दी है। गया में सोमवार को कृषि, बिजली, सिंचाई और आपदा प्रबंधन विभाग के अधिकारियों की बैठक हुई। बैठक में सूखा संभावित सभी जिले के जिलाधिकारियों को प्रत्येक सप्ताह टास्क फोर्स की बैठक में सूखा संकट और बारिश की स्थिति की समीक्षा करने का निर्देश दिया गया है।
बारिश नहीं होने के कारण किसान भी बेचैन होने लगे हैं। किसानों का मानना है कि अगर ऐसी स्थिति रही तो वे खेतों में धान के बीज नहीं डाल पाएंगे। औरंगाबाद के कुटुम्बा के किसान श्यामजी तिवारी बताते हैं कि पिछले वर्ष सूखे के बावजूद रबी की फसल अच्छी होने के कारण पशु चारे का संकट तो नहीं आएगा परंतु यही स्थिति रही तो अनाज का संकट तो आ ही जाएगा।
राज्य के कृषि उप निदेशक ए़ सी़ जैन भी मानते हैं कि अगर 15 दिनों के अंदर भारी बारिश नहीं हुई तो राज्य में सूखे की आशंका बढ़ जाएगी। उन्होंने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है, सरकार सचेत है।
पिछले वर्ष बारिष ठीक नहीं होने के कारण राज्य सरकार ने 26 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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