ओएनजीसी ने तेल एवं गैस उत्पादन साझेदारी समझौतों पर हस्ताक्षर किए
हस्ताक्षर के दौरान केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री मुरली देवड़ा और केंद्रीय कानून मंत्री एम. वीरप्पा मोइली भी मौजूद थे।
देवरा में अपने लिखित बयान में कहा, "भविष्य की आवश्यकता को देखते हुए हम प्रति एकड़ के हिसाब से लाइसेंस देने की नीति पर विचार कर रहे हैं।"
उन्होंने कहा कि इस नीति के तहत कंपनियां किसी भी समय किसी भी ब्लॉक के लिए लाइसेंस की मांग कर सकती हैं। कंपनियों को नेल्प की नियमित बोलियों का इंतजार नहीं करना पड़ेगा इस प्रक्रिया में सबसे बड़ी बोली लगाने वाली कंपनी को ब्लॉक वितरित किया जाएगा।
इस अवसर पर मौजूद केंद्रीय पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने कहा, "नेल्प का कार्यान्वयन शुरू होने के बाद एक राष्ट्रीय सांख्यिकी गृह (एनडीआर) की स्थापना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। पेट्रोलियम महानिदेशालय (डीजीएच) एनडीआर की स्थापना की प्रक्रिया शुरू कर चुका है इससे उत्खनन और उत्पादन की तारीखों के संबंध में आंकड़ों को एकत्रित करने में मदद मिलेगी। "
उन्होंने कहा, "जन उपयोग के लिए सूचनाओं के आदान-प्रदान और उनके स्वामित्व के संबंध में नियमन की प्रक्रिया में भी एनडीआर से मदद मिलेगी।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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