अमरनाथ यात्रा के लिए कड़ी सुरक्षा, पहला जत्था रवाना (लीड-1)
श्रीनगर, 30 जून (आईएएनएस)। कश्मीर घाटी में तनाव के बावजूद तय कार्यक्रम के अनुसार जम्मू से बुधवार सुबह पवित्र अमरनाथ यात्रा के लिए लगभग 1,300 तीर्थयात्रियों का पहला जत्था रवाना हो गया। इस तीर्थयात्रा के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।
पहले जत्थे में 233 महिलाएं और 32 बच्चे हैं। तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को राज्य के पर्यटन मंत्री नवांग रिग्जिन जोरा ने रवाना किया। इस मौके पर उन्होंने कहा, "तीर्थयात्रियों के लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं।"
कश्मीर में तनाव और सुरक्षा चिंताओं के बावजूद तीर्थयात्री अपनी आस्था को लेकर प्रतिबद्ध हैं। एक तीर्थयात्री सतीश मंगोत्रा ने आईएएनएस को बताया, "यह आस्था का विषय है। कश्मीर में तनाव है सिर्फ इस वजह से मैं इस यात्रा को नहीं टाल सकता। मुझे पूरा विश्वास है कि बाबा भोले शंकर हम सभी की रक्षा करेंगे।"
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "तीर्थयात्रियों की सुरक्षा के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जवाहर सुरंग से लेकर दक्षिण के आधार शिविर नुनवान और उत्तर के आधार शिविर बालतल तक पूरा रास्ता साफ कर दिया गया है और इस मार्ग पर 24 घंटे निगरानी की जा रही है।"
भारतीय सेना को पहाड़ों की चोटियों पर सुरक्षा का जिम्मा सौंपा गया है। सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) उत्तरी और दक्षिणी कश्मीर के दोनों मार्गो की सुरक्षा करेगा। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और स्थानीय पुलिस आधार शिविरों और यात्रा मार्ग पर पड़ने वाले पारगमन शिविरों की निगरानी करेंगे।
इस साल की अमरनाथ यात्रा पर नजर रखने के लिए बीएसएफ के करीब 3,000 जवान वहां पहुंच गए हैं। हिंसा के बाद जहां दक्षिणी कश्मीर के अनंतनाग, कुलगाम और पुलवामा में बुधवार सुबह अनिश्चितकाल के लिए कर्फ्यू लगा दिया गया वहीं दक्षिणी कश्मीर के बिज्बेहारा और पहलगाम में भी कर्फ्यू जारी है।
अनंतनाग और पहलगाम तीर्थयात्रा के जम्मू-पहलगाम यात्रामार्ग में पड़ते हैं जबकि अमरनाथ गुफा तक पहुंचने के लिए उत्तरी कश्मीर के बालतल मार्ग को चुनने वाले तीर्थयात्रियों को दक्षिण के बिज्बेहारा, अवंतिपोर और पेम्पोर से होकर गुजरना होगा। श्रीनगर, गांदेरबल और कंगना भी यात्रा के मार्ग में ही हैं।
तीर्थयात्रियों लिए गांदेरबल जिले में मुफ्त रसोईं की सुविधा उल्ब्ध रहेगी जहां से उन्हें खाने-पीने की आपूिर्त की जाएगी। स्वास्थ्य सेवाओं के निदेशक मुहम्मद अमीन ने कहा, "उत्तरी कश्मीर में 114 चिकित्सा शिविर और दक्षिणी कश्मीर में 11 चिकित्सा शिविर स्थापित किए गए है। तीर्थयात्रियों के 21 एंबुलेंस भी उपलब्ध रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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