सर्पदंश से नहीं मरी थीं
लंदन, 30 जून (आईएएनएस)। जर्मनी के एक शोधकर्ता ने दावा किया है कि प्राचीन मिस्र की विख्यात महारानी क्लियोपेट्रा की मौत सर्पदंश नहीं बल्कि अधिक मात्रा में मादक पदार्थो के सेवन से हुई थी।
यूनिवर्सिटी ऑफ ट्राइवर के इतिहासकार और प्रोफेसर क्रिस्टॉफ शेफर ने अपने आधुनिक शोध में दावा किया है कि अफीम और हेम्लाक (सफेद फूलों वाले विषैले पौधे) के मिश्रण के सेवन की वजह से उनकी मौत हुई थी।
क्लियोपेट्रा का निधन 30 ईसा पूर्व में हुआ था और हमेशा से यही समझा जाता रहा है कि उनकी मौत सांप के काटने से हुई थी। इस सांप को अब मिस्र के कोबरा के नाम से जाना जाता है।
समाचार पत्र 'टेलीग्राफ' ने क्रिस्टॉफ के हवाले से कहा है, "महारानी क्लियोपेट्रा अपनी खूबसूरती के लिए मशहूर थीं और इस बात की संभावना कम ही है कि उसने मौत के इंतजार में खुद को बदसूरत बनने दिया होगा।"
मिस्र के अलेक्जेंडरिया शहर का दौरा करने वाले क्रिस्टॉफ ने वहां कई प्राचीन चिकित्सा ग्रंथों का अध्ययन किया और सर्प विशेषज्ञों की राय ली। उनका कहना है, "क्लियोपेट्रा अपने मिथक को बनाए रखने के लिए मौत के समय भी खूबसूरत बनी रहना चाहती थी।
उन्होंने बताया, "क्लियोपेट्रा ने संभवत: अफीम, हेम्लॉक और अन्य पदार्थो के मिश्रण का सेवन किया होगा। उन दिनों इस घोल को चंद घंटों के भीतर पीड़ारहित मृत्यु के लिए पिया जाता था। जबकि सर्पदंश की स्थिति में कई बार प्राण निकलने में कई-कई दिन लग जाते थे।"
क्लियोपेट्रा ने 51 ईसापूर्व से 30ईसापूर्व तक मिस्र पर शासन किया था। वह मिस्र पर शासन करने वाली अंतिम फेरोह थी। क्लियोपेट्रा की मौत के बाद मिस्र रोमन साम्राज्य का हिस्सा बन गया।
क्लियोपेट्रा रोमन शासक जूलियस सीजर की सहयोगी थी और उसने रोमन जनरल मार्क एंथनी के साथ रिश्ता बनाया। उनके तीन बच्चे थे। दस्तावेजों से पता चलता है कि उन दोनों ने बाद में शादी भी की, हालांकि वे दोनों पहले से ही विवाहित थे।
44 ईसापूर्व में सीजर की हत्या के बाद वह उसके वारिस गाएस जुलियस सीजर ओक्टावेन का विरोध करने के लिए एंथनी के साथ जुड़ गई। ओक्टावेन की फौजों से शिकस्त के बाद एंथनी ने खुदकुशी कर ली। क्लियोपेट्रा ने 39 बरस की उम्र में 12 अगस्त 30 ईसापूर्व में उनका अनुसरण किया।
इंडो-एशियन न्यज सर्विस।












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