गैस त्रासदी : सभी कानूनी विकल्पों पर जीओएम में विचार (राउंडअप)
शनिवार को पहले सत्र की बैठक के बाद चिदंबरम ने कहा, "हमने सभी बकाया मुद्दों और निचली अदालत के फैसले के बाद सरकार के पास मौजूद विकल्पों के बारे में चर्चा की। हम सभी की चिंताओं को सुनने के बाद एक संभावित निष्कर्ष पर पहुंचे हैं।"
चिदंबरम ने पत्रकारों से चर्चा में कहा, "हमने आज दो घंटे चर्चा की। भोपाल मेमोरियल ट्रस्ट हॉस्पिटल, दि सेटेलाइट हॉस्पिटल, भारतीय चिकित्सा शोध संस्थान (आईसीएमआर) द्वारा किए गए सर्वेक्षण और पुनर्वास कार्यो पर भी हमने चर्चा की।"
उन्होंने कहा, "हमने सभी की चिंताओं को सुना और कुछ नतीजे तक पहुंचे भी। राहत व पुनर्वास कार्य और बेहतर तरीके से क्रियान्वित करने की भी हमारी कोशिश होगी।"
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एस. जयपाल रेड्डी ने कहा, "मेरा मंत्रालय प्रभावित परिवारों का पता लगाने में सहयोग करेगा।"
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने कहा कि उनका मंत्रालय शोध और पुनर्वास सहयोग सुनिश्चित करने की कोशिश करेगा।
समूह द्वारा निकाले गए निष्कर्ष को तैयार कर सोमवार को प्रधानमंत्री को सौंपा जाएगा।
इस बीच, आधिकारिक सूत्रों ने कहा कि जीओएम 1996 के सर्वोच्च न्यायालय के उस फैसले पर पुनर्विचार के लिए कानूनी विकल्प तलाश रही है जिसमें अदालत ने आरोपी के खिलाफ लगे गैर इरादतन हत्या के मामले को लापरवाही के कारण मौत में बदल दिया था।
अधिकारियों ने कहा कि यह जिम्मेदारी तय करने और यूनियन कार्बाइड के पूर्व चेयरमैन वारेन एंडरसन को भारत लाने की संभावना तलाशने का मामला है। एंडरसन इस मामले में मुख्य आरोपी है।
सूत्रों ने कहा कि योजना आयोग गैस पीड़ितों की सहायता के लिए प्रदेश सरकार को 982 करोड़ रुपये की राशि जारी करने पर सहमत हो गया है।
इससे पहले शुक्रवार को मंत्री समूह की पहली बैठक हुई थी जिसमें पीड़ितों के राहत व पुनर्वास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई।
प्रधानमंत्री कार्यालय में राज्यमंत्री और जीओएम के सदस्य पृथ्वीराज चव्हाण ने शुक्रवार को संकेत दिए थे कि जीओएम विश्व की सबसे बड़ी इस औद्योगिक त्रासदी के लिए जवाबदेही भी तय कर सकता है।
चव्हाण से पत्रकारों ने जब वार्ता के दौरान यह पूछा था कि क्या इस मामले के मुख्य आरोपी को सजा नहीं होगी। इसके जवाब में उन्होंने कहा कि वह इसका सीधा जवाब नहीं देंगे। सोमवार तक रोजाना होने वाले मंत्री समूह की बैठक के लिए तय एजेंडे में बहुत सारे मुद्दे हैं।
उन्होंने कहा था, "मैं आपको आश्वस्त करता हूं कि त्रासदी से संबंधित सभी पहलू एजेंडे में शामिल हैं और इस पर चर्चा होगी।"
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जीओएम को इस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं पर 10 दिन के भीतर मंत्रिमंडल को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
बहरहाल, जीओएम की यह बैठक रविवार को भी जारी रहेगी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने जीओएम को इस हादसे से जुड़े सभी पहलुओं पर 10 दिन के भीतर मंत्रिमंडल को रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है। वर्ष 1984 में हुए इस हादसे में लगभग 20,000 लोगों के मारे जाने का अनुमान है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।












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